देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई दिशा देने, उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने और 'वोकल फॉर लोकल' के विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमर उजाला नई दिल्ली के भारत मंडपम में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो व एवं अवार्ड्स 2025 का आयोजन कर रहा है। समारोह में उद्योग, मनोरंजन और एमएसएमई जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं जिनमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी शामिल रहे। उन्होंने इस दौरान खेल का महत्व समझाया।
'खेल हमें एक-दूसरे की केयर करना सिखाता है'
मोहम्मद कैफ ने कहा, 'खेल हमें एक दूसरे का केयर करना सिखाता है। बड़े-बड़े खिलाड़ियों के साथ दूसरे खिलाड़ियों का भी टीम के लिए योगदान रहता है। हर प्लेयर का एक रोल होता है। यह खिलाड़ी समझता है। हर खिलाड़ी टीम के लिए जरूरी होता है। हर प्लेयर का एक योगदान होता है। अपनी भूमिका हर प्लेयर को निभानी होती है।'
'टीम गेम में कप्तान खिलाड़ियों पर कुछ थोप नहीं सकता है'
इस दौरान कैफ ने आगे कहा, 'आप अगर अपने खेल पर भरोसा रखते हैं तो आपको समाधान नजर आता है। प्रैक्टिस में खुद को अंडर प्रेशर रखना चाहिए। अभ्यास में मुश्किलों का सामना करेंगे तो चीजें आपके लिए मैदान में आसान हो जाती हैं। जब आप मैच खेलते हैं तो सभी के अलग-अलग प्लान होते हैं। टीम गेम में कप्तान खिलाड़ियों पर कुछ थोप नहीं सकता है। खिलाड़ी की भी भूमिका होती है। मिलजुल कर आगे की राह निकलती है।'
'सफलता के लिए अनुशासन जरूरी'
इस कार्यक्रम के दौरान कैफ ने बताया कि शार्टकट से कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं बन सकता। सफलता के लिए अनुशासन जरूरी होता है। उन्होंने आगे कहा, 'लॉन्ग रूट लेने के बजाए कुछ लोग शॉर्टकट ढूंढते हैं, इससे फेल होने का खतरा बना रहता है। सफल होने के लिए आपको लॉन्ग रूट लेना चाहिए। आधे घंटे प्रैक्टिस करके कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं बनता। अनुशासन बहुत जरूरी है सफल होने के लिए। आज कल खेलों में भी स्वदेशी का बोलबाला है। पहले विदेशी कोचों की जरूरत होती थी। अब ऐसा नहीं है। हम विश्वकप राहुल द्रविड़ की कोचिंग में जीते। अभी गौतम गंभीर कोच हैं। ये भारतीय कोच ही अब भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा रहे हैं। मैंने जिस फील्ड में अब तक अपना समय लगाया है उसी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा हूं। मैं अगर कुछ करूंगा तो इसी फील्ड से जुड़ा करूंगा। फूड पर आम लोग निर्भर करते हैं।'