फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IPL 2025: 'कुछ बड़े शॉट खेलकर दबाव हटाना चाहिए था', RCB से दो रन से हार के लिए धोनी ने खुद को ठहराया जिम्मेदार

Sun, 04 May 2025 08:44 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

धोनी ने मैच के बाद कहा, 'जब मैं बल्लेबाजी के लिए गया, तो जिस तरह की गेंदों और रनों की जरूरत थी, मुझे लगा कि मुझे दबाव कम करने के लिए कुछ और शॉट लगाने चाहिए थे। मैं दोष स्वीकार करता हूं।'
विज्ञापन
धोनी - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईपीएल 2025 में शनिवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मिली दो रन की हार के लिए चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद को जिम्मेदार ठहराया है। धोनी ने कहा कि उन्हें कुछ और बड़े शॉट खेलकर दबाव हटाना चाहिए था। शनिवार को चिन्नास्वामी में खेले गए मुकाबले में आरसीबी के 214 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई की टीम 20 ओवर में पांच विकेट पर 211 रन ही बना सकी। यह सीएसके की 11 मैचों में नौवीं हार रही। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वहीं, बेंगलुरु की यह 11 मैचों में आठवीं जीत रही। 16 अंक के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर है।
विज्ञापन

आखिरी तीन गेंद पर पांच रन नहीं बने
धोनी जब बल्लेबाजी के लिए आए, उस वक्त सीएसके को 21 गेंद में 42 रन की जरूरत थी। तब धोनी के साथ क्रीज पर जम चुके रवींद्र जडेजा क्रीज पर थे। हालांकि, 17वें ओवर में आठ रन, 18वें ओवर में छह रन और 19वें ओवर में 14 रन आए। आखिरी ओवर में सीएसके को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी, लेकिन धोनी ओवर की तीसरी गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हो गए। वह आठ गेंद में एक छक्के की मदद से 12 रन बना सके।

उनके आउट होने के बाद आखिरी तीन गेंद पर सीएसके को जीत के लिए 13 रन की जरूरत थी। इसके बाद नो बॉल पर शिवम दुबे ने छक्का लगाया। फिर समीकरण तीन गेंद पर छह रन का हो गया। हालांकि, फ्री हिट गेंद पर दुबे एक रन ही बना पाए। दो गेंद पर पांच रन की जरूरत थी। पांचवीं गेंद पर फिर एक रन बना और आखिरी गेंद पर सीएसके को जीत के लिए चार रन की दरकार थी। हालांकि, आखिरी गेंद पर भी एक ही रन बना और चेन्नई की टीम हाथ में आए मैच को गंवा बैठी।

RCB vs CSK: आरसीबी शीर्ष पर पहुंची, चेन्नई ने गंवाया नौवां मैच; जैकब-कोहली के बाद रोमारियो और एनगिडी चमके    

धोनी - फोटो : PTI
धोनी ने खुद को दोषी ठहराया
धोनी ने मैच के बाद कहा, 'जब मैं बल्लेबाजी के लिए गया, तो जिस तरह की गेंदों और रनों की जरूरत थी, मुझे लगा कि मुझे दबाव कम करने के लिए कुछ और शॉट लगाने चाहिए थे। मैं दोष स्वीकार करता हूं। उन्होंने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बीच में हमने मैच को अपने पक्ष में वापस खींच लिया, लेकिन रोमारियो शेफर्ड शानदार थे।'

बेंगलुरु ने आखिरी दो ओवर में 54 रन बटोरे
बेंगलुरु की टीम एक वक्त 18वें ओवर में पांच विकेट पर 159 रन ही बना पाई थी। इसके बाद रोमारियो ने गजब की बल्लेबाजी दिखाई। उन्होंने 14 गेंद में 53 रन की नाबाद पारी खेली। आखिरी दो ओवर में आरसीबी ने 54 रन बटोरे और स्कोर 213 तक पहुंचा। खलील अहमद ने 19वें ओवर में 33 रन और मथीशा पथिराना ने 20वें ओवर में 21 रन दिए।

धोनी - फोटो : PTI
'यॉर्कर का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना चाहिए'
धोनी ने अपने गेंदबाजों को सलाह देते हुए कहा, 'हमारे गेंदबाजों ने जो भी गेंदबाजी की, आरसीबी के बल्लेबाज ज्यादा से ज्यादा रन बनाने में सफल रहे। हमें अधिक यॉर्कर का अभ्यास करने की जरूरत है। हमेशा नहीं, लेकिन जब बल्लेबाज क्रीज पर आकर जमने का प्रयास करते हैं तो आपको यॉर्कर पर भरोसा करना पड़ता है। इसमें गलती की गुंजाइश कम होती है। अगर आप सही यॉर्कर फेंक सकते हैं तो उस पर भरोसा करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो लो फुल टॉस दूसरा बेहतर विकल्प है।'

Ayush Mhatre: आयुष म्हात्रे ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, आईपीएल में अर्धशतक लगाने वाले तीसरे युवा बल्लेबाज बने    

'यॉर्कर नहीं तो लो फुल टॉस गेंद फेंकनी चाहिए'
धोनी ने कहा, 'लो फुल टॉस हिट करने के लिए सबसे कठिन गेंदों में से एक है। पथिराना जैसे गेंदबाज, अगर उनसे यॉर्कर गेंद नहीं फेंकी जा रही है, तो उनके पास गति है। वह बाउंसर फेंक सकते हैं और बल्लेबाज को अनुमान लगाने पर मजबूर कर सकते हैं। कई बार अगर वह यॉर्कर की तलाश में होते हैं, तो बल्लेबाज इसे भांप लेते हैं। अगर वह चूक जाते हैं, तो बल्लेबाजों के पास हिट करने का मौका होता है।'
विज्ञापन

महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : PTI
स्कूप शॉट को लेकर धोनी का बयान
सीएसके के पास स्कूप शॉट खेलने वाला खिलाड़ी नहीं होने पर धोनी ने कहा, 'स्कूप शॉट का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन सभी बल्लेबाज इसे खेलने में सहज नहीं होते हैं। यदि यह शॉट स्वाभाविक रूप से आता है, तो निश्चित रूप से खेलने में कोई बुराई नहीं है। यदि नहीं, तो यह मुश्किल हो जाता है। यह कुछ ऐसा है जिसका आपको नए युग में अभ्यास करने की आवश्यकता है। हमारे ज्यादातर बल्लेबाज पैडल शॉट नहीं खेलते हैं। जड्डू इसे खेल सकते हैं, लेकिन वह डाउन द ग्राउंड शॉट खेलने में अधिक सहज महसूस करते हैं। इसलिए वह अपनी ताकत का समर्थन कर रहे थे।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें