श्रीलंका पर टी-20 क्रिकेट सीरीज में जीत से उत्साहित भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि उनकी टीम टी-20 वर्ल्ड कप में खिताब की प्रबल दावेदार होगी। हालांकि अभी उसके कुछ शीर्ष बल्लेबाजों ने क्रीज पर अधिक समय नहीं बिताया है। भारत की बल्लेबाजी में गहराई होने के कारण सभी बल्लेबाजों को खेलने के लिए ज्यादा ओवर नहीं मिले हैं। धोनी और युवराज सिंह ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ अधिक बल्लेबाजी नहीं कर सके हैं।
धोनी ने तीसरे टी-20 में जीत के बाद कहा कि हर किसी को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला है पर हमारी बल्लेबाजी की गहराई के कारण यह समस्या आती रहेगी। हमें खिलाड़ियों को मौका देना होगा जो छठे, सातवें या आठवें नंबर पर उतरते हैं। उन्होंने कहा, "उस समय यह मायने नहीं रखता कि आप कितने रन बना रहे हैं लेकिन तीन-चार गेंद में 10-15 रन बनाना भी उपयोगी होगा।"
धोनी ने कहा कि 8 मार्च से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में घरेलू हालात में खेलने का टीम को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छोटे प्रारूपों में हम हमेशा प्रबल दावेदारों में रहते हैं। टी-20 वर्ल्ड कप भारत में हो रहा है, लिहाजा स्पिनरों की भूमिका अहम रहेगी जिससे हमें फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा, इसके अलावा हमने यहां आईपीएल के आठ में से सात सत्र खेले हैं जिसका अनुभव भी फायदेमंद होगा। उन्होंने बताया कि विरोधी टीम के खतरनाक बल्लेबाजों को जल्दी आउट करना अहम होगा।
शिखर धवन बोले, मैं खुशनसीब
भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप में अपनी शानदार फॉर्म जारी रहने की उम्मीद है। उनका कहना है कि चीजों को सहज रखने और बेसिक्स पर टिके रहने का उन्हें फायदा मिला।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि मैं खुशनसीब हूं कि मेरे साथी कह रहे हैं कि मेरी फॉर्म टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मेरी कोशिश बल्लेबाजी की बुनियादी बातों पर टिके रहने की होगी और साथ मैं शॉट लगाने की जगह सही टाइमिंग पर जोर दे रहा हूं।
30 वर्षीय धवन ने कहा कि इस फारमेट में हमें बड़े शॉट लगाने की जरूरत पड़ती है। मैं तो सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि ज्यादा गेंदों को खाली न जाने दूं।
आखिरी दो मैचों में गलतियां कर बैठा श्रीलंका
श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान दिनेश चंडीमल ने कहा कि पावरप्ले में अच्छा नहीं खेलने से उनकी अनुभवहीन टी-20 टीम को भारत के खिलाफ सीरीज में पराजय झेलनी पड़ी।
सीरीज के तीसरे और अंतिम टी-20 मैच में नौ विकेट से मिली हार के बाद चंडीमल ने कहा कि पूरी सीरीज में हमने अच्छी क्रिकेट खेली। पहले मैच में हमने लय बनाई थी लेकिन दूसरे और तीसरे टी-20 में हम अच्छी शुरुआत नहीं कर सके। रांची में हमने पहले छह ओवरों में अच्छी गेंदबाजी नहीं की और यहां पावरप्ले ओवरों में चार विकेट गंवाए। पिछले दो मैचों में यह गलतियां हुईं।
उन्होंने कहा कि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों का अभाव भी खला। उन्होंने कहा कि हमारे पास अनुभवहीन टीम थी। उन्हें पता नहीं था कि क्रीज पर कैसे डटकर खेलना है। हमें वहां संघर्ष करना पड़ा। खिलाड़ी जल्द ही अनुभव से सीखेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्मांथा, दासुन शनाका और कासुन रजीता भविष्य के स्टार खिलाड़ी हैं। उन्हें इस सीरीज की खोज कहा जा सकता है।