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इस बार भी धोनी के लिए यादगार रहा 2 अप्रैल, पहले वर्ल्ड कप अब पद्मभूषण

Mon, 02 Apr 2018 07:14 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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एमएस धोनी - फोटो : ANI
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए आज का दिन दोहरी खुशी का है। दरअसल, धोनी को सोमवार की शाम भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन एमएस धोनी ने 28 साल बाद आज ही के दिन (2 अप्रैल 2011) भारत को वर्ल्ड कप चैंपयिन बनाया था, उसी दिन धोनी को इस पुरस्कार से नवाजा गया। धोनी के अलावा यह सम्मान भारतीय बिलियार्ड्स खिलाड़ी पंकज आडवाणी को दिया गया।

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गौरतलब है कि 'मेन इन ब्लू' ने मुंबई के आइकॉनिक वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर भारतीय फैंस का सपना साकार किया था। डे-नाइट मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। महेला जयवर्धने (103*) के शानदार शतक की बदौलत मेहमान टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए थे। जिसके जवाब में टीम इंडिया ने 10 गेंदे शेष रहते ही चार विकेट खोकर लक्ष्य प्राप्त कर लिया और वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर ली थी।

फाइनल मुकाबले में 'कैप्टन कूल' ने नुवान कुलसेकरा की बॉल पर हेलिकॉप्टर शॉट खेलते हुए शानदार छक्का लगाकर लाखों फैन्स का सपना पूरा किया था। इस मैच में तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 91 रन की नाबाद पारी खेली थी। टीम इंडिया की तरफ से वीरेंद्र सहवाग (0) और सचिन तेंदुलकर (18) रन बनाए थे, लेकिन गौतम गंभीर ने 97 गेंदों पर 122 रनों की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने तीसरे विकेट के लिए विराट (35) के साथ 83 रनों की साझेदारी की थी और वर्ल्ड कप जिताने में पूरी टीम के साथ गौतम गंभीर का अहम योगदान रहा, क्योंकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली थी। बता दें कि टीम इंडिया वर्ल्ड की पहली ऐसी टीम है, जिसने टूर्नामेंट की मेजबानी करने के साथ ही वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती हो। 

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