सचिन और सहवाग
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साल 2012 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में सीबी त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की तिकड़ी को रोटेट करने का फैसला किया। फील्डिंग भी एक बड़ी वजह थी, लेकिन गंभीर ने संन्यास के बाद इस फैसले पर कहा था कि 'ट्राई सीरीज में वो हम तीनों (सचिन, सहवाग, गंभीर) को एक साथ नहीं खिला सकते क्योंकि उन्हें 2015 वनडे विश्व कप के लिए टीम तैयार करनी है। हालांकि उस सीरीज भारतीय टीम सफल नहीं हो पाई थी, लेकिन धोनी के फील्डिंग को लेकर तब का सख्त रवैया आज की नई और युवा टीम साफ दिखता है। उन्होंने फील्डिंग में चुस्ती के लिए अहम और कड़े फैसले लिए।