टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच रविवार को धर्मशाला में खेला गया पहला वन-डे रोमांचक नहीं बन पाया। बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया की पारी सिर्फ 112 पर ढेर हो गई। इसके जवाब में श्रीलंका ने 20.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
हालांकि, मैच के आकर्षण का केंद्र एमएस धोनी बने। श्रीलंकाई गेंदबाज जब कहर बरपाती गेंदों पर एक के बाद एक भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेज रहे थे, तब धोनी एकमात्र योद्धा बनकर क्रीज पर डटे रहे। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 87 गेंदों में 10 चौको और दो छक्को की मदद से 65 रन की बनाए। वो आउट होने वाले आखिरी भारतीय बल्लेबाज रहे।
बहरहाल, धोनी कितने एक्सपर्ट हैं, यह बात उन्होंने भारतीय पारी के 33वें ओवर में साबित की। इसके बाद यह साफ हो गया कि धोनी का इस मामले में कोई सानी नहीं है। दरअसल, सचिथ पथिराना ने पारी के 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर जसप्रीत बुमराह को LBW आउट किया।
अंपायर अनिल चौधरी ने अपनी उंगली उठाकर गेंदबाजी टीम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बुमराह को आउट करार दिया। मगर अंपायर के उंगली उठाने से पहले ही धोनी ने DRS लेने का संकेत दिया। धोनी ने चूकी DRS लिया था तो अंपायर को थर्ड-अंपायर को फैसला रेफर करना पड़ा।
बुमराह भी मैदानी अंपायर अनिल चौधरी की बात मानकर पवेलियन की तरफ लौट रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। अंपायर अनिल चौधरी के पास धोनी खड़े थे, जिन्हें इस बात का अंदाजा मिल गया था कि गेंद किस दिशा में जा रही है। लिहाजा उन्होंने DRS लेने का फैसला किया।
थर्ड-अंपायर ने दो से तीन बार रीप्ले देखा और बुमराह के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्क्रीन पर नॉटआउट का फैसला फ़्लैश किया। इससे बुमराह का विकेट सुरक्षित हो गया।
इस समय टीम इंडिया का स्कोर 87/8 था। इसके बाद धोनी ने उम्दा पारी खेलते हुए टीम का स्कोर 100 रन के पार लगाया। टीम इंडिया फिर 38.2 ओवर में 112 रन पर सिमटी।