भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए मेलबर्न में चल रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अजिंक्य रहाणे की शतकीय पारी के बाद गेंदबाजों के दम पर टीम इंडिया जीत की प्रबल दावेदार बन गई है। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के पास दो रनों की बढ़त है उसने अपने छह विकेट गंवा दिए हैं। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों की कोशिश आखिरी चार खिलाड़ियों को जल्दी से आउट कर आसान कम के स्कोर पर रोकना चाहेगी।
उधर तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद अपना पहला टेस्ट खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पिच और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को आउट करने के तरीके पर बात की। सिराज ने सोमवार को कहा कि एमसीजी (मेलबर्न क्रिकेट मैदान) की पिच धीमी हो गई है और ऑस्ट्रेलियाई टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों को आउट करने के लिए गेंद को लगातार एक जगह टप्पा खिलाना होगा।
पिच से नहीं मिल रही मदद
तेज गेंदबाज उमेश यादव के चोटिल होने के बावजूद भारत ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के छह बल्लेबाजों को 133 रन तक पवेलियन भेज दिया। सिराज ने मैच के बाद ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पहले दिन पिच से गेंदबाजों को काफी मदद मिली लेकिन आज वह काफी धीमा हो गई है। अब ज्यादा मदद नहीं मिल रही और स्विंग भी नहीं हो रही है। सफलता के लिए जरूरी है कि धैर्य बनाए रखें और लगातार एक जगह गेंद फेंके।’
बुमराह ने दिया विशेष ज्ञान
सिराज के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने उन्हें समझाया कि सपाट पिच पर विकेट हासिल करने का एकमात्र तरीका बहुत सारे डॉट गेंदों के साथ दबाव बनाना है। हैदराबाद के 26 साल के इस गेंदबाज ने कहा, ‘जस्सी भाई (बुमराह) ने मुझसे कहा कि कुछ अलग करने की कोशिश मत करो। एक दिशा में गेंद फेंकों और डॉट गेंदों के साथ दबाव बनाते रहो, हर गेंद पर ध्यान बनाए रखना चाहिए।’