मैच के बाद अर्सलान ने कहा, 'मैंने क्रिकेट की शुरुआत अपने बड़े भाई शाहनवाज को पंजाब विश्वविद्यालय के मैदान में खेलते देख कर की थी। जब बावा सर ने मुझे गुरुग्राम ले जाने का फैसला किया, तो मेरे माता-पिता और भाई थोड़े चिंतित थे लेकिन ऐसा नहीं था। कभी-कभी, मैं अंडर -16 और अंडर -19 मैच खेलने के लिए हिमाचल प्रदेश के लिए सीधे बस पकड़ता और चंडीगढ़ में भी नहीं रुकता।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट के लिए चंडीगढ़ टीम का हिस्सा नहीं था, लेकिन पता था कि मुझे अपना स्थान अर्जित करना होगा। अंडर-23 प्रतियोगिता में पांच शतक और दो अर्धशतक ने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं खुद को रणजी टीम में जगह बना सकता हूं।'
बता दें कि पिछले ही महीने भुवनेश्वर में उन्होंने अंडर-23 टूर्नामेंट में खेलते हुए 11 पारियों में पांच शतक और दो अर्धशतक की बदौलत 699 रन बनाए थे।