यह पहली बार है, जब जम्मू-कश्मीर से कोई खिलाड़ी इस पद के लिए चुना गया है। 45 साल के मिथुन मनहास भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट के स्टार रहे।
जम्मू-कश्मीर और आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर और अनुभवी बल्लेबाज मिथुन मनहास बीसीसीआई (BCCI) के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में इसका एलान हुआ। मनहास का नाम हाल ही में नई दिल्ली में हुई बीसीसीआई की एक अनौपचारिक बैठक के बाद सामने आया था, जहां यह तय किया गया था कि उन्हें अध्यक्ष पद के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। यह पद पिछले महीने रोजर बिन्नी के कार्यकाल समाप्त होने के बाद से खाली था। यह पहली बार है, जब जम्मू-कश्मीर से कोई खिलाड़ी इस पद के लिए चुना गया है।
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'एक ऐतिहासिक क्षण का जश्न'
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर मिथुन मनहास को बधाई दी है। जितेंद्र सिंह ने लिखा, 'मिथुन मनहास को आधिकारिक तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का नया अध्यक्ष घोषित किया गया है। जम्मू और कश्मीर के सबसे दूरदराज़ जिलों में से एक, डोडा के लिए यह दिन कितनी बड़ी उपलब्धि है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह जिला मेरी अपनी जन्मभूमि भी है। कुछ ही घंटों के अंदर दो बड़ी खबरें आई हैं। पहले किश्तवार की बेटी शीतल विश्व चैंपियन बनकर चमकती हैं, और उसके कुछ समय बाद मिथुन इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाते हैं।
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जम्मू-कश्मीर से पहला बड़ा नाम
45 साल के मिथुन मनहास भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट के स्टार रहे। मनहास घरेलू क्रिकेट में दिल्ली टीम के लिए खेले। उन्होंने 1997-98 से लेकर 2016-17 तक के लंबे करियर में 157 फर्स्ट क्लास, 130 लिस्ट ए और 91 टी20 मुकाबले खेले हैं। उनके नाम 9714 फर्स्ट क्लास रन दर्ज हैं।
भले ही उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन आईपीएल में वह तीन फ्रेंचाइजियों के लिए खेले। इनमें दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स शामिल हैं। हाल फिलहाल में वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के प्रशासक रहे और इससे पहले दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन के संयोजक रह चुके हैं। इसके अलावा, वे आईपीएल टीम गुजरात टाइटंस के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा भी रह चुके हैं।
बिन्नी की जगह लेंगे मनहास
मनहास रॉजर बिन्नी की जगह लेंगे। बिन्नी को पद छोड़ना पड़ा क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के नियमों के मुताबिक किसी भी पदाधिकारी की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह और रघुराम भट्ट भी इस दौड़ में थे। हालांकि, अंत में मनहास पर सहमति बनी। बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में औपचारिक रूप से नई कमेटी पर फैसला लिया गया।
अमिता महिला चयन समिति की अध्यक्ष
वार्षिक आम बैठक में अमिता शर्मा को महिलाओं की चयन समिति की अध्यक्ष नियुक्त करने की पुष्टि की गई। उन्होंने नीतू डेविड की जगह ली है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अमिता शर्मा, जिन्होंने 116 वनडे मैच खेले हैं, के साथ श्यामा डे, जया शर्मा और श्रावंती नायडू इस पैनल में शामिल होंगी। इनका कार्यकाल भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से दो नवंबर तक होने वाले महिला विश्व कप के बाद शुरू होगा। इस टीम में अमिता के अलावा श्यामा डे, सुलक्षणा नाइक, जया शर्मा और श्रावंती नायडू शामिल हैं। श्यामा डे को छोड़कर बाकी चारों इस टीम में नई हैं।
मिथुन मनहास, राजीव शुक्ला और देवजीत सैकिया
- फोटो : ANI
बीसीसीआई में अन्य बदलाव
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को राष्ट्रीय सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल किया गया। वे एस शरथ की जगह शामिल किए गए हैं। एस शरथ को जूनियर चयन समिति का नया चेयरमैन बनाया गया है और वह वीएस तिलक नायडू की जगह लेंगे। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह को सुब्रतो बनर्जी की जगह चयन समिति में शामिल किया गया। पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर रहेंगे। इसके अलावा इसमें प्रज्ञान और आरपी के अलावा शिव सुंदर दास और अजय रात्रा शामिल हैं।
सैकिया ही बने रहेंगे सचिव
वहीं, कर्नाटक के दिग्गज रघुराम भट को कोषाध्यक्ष चुने गए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के प्रभतेज सिंह भाटिया को संयुक्त सचिव बनाया गया है। देवजीत साकिया बीसीसीआई सचिव पद पर बने रहेंगे। वहीं, राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष बने रहेंगे। शुक्ला पहले ही इस पद पर पांच साल पूरे कर चुके हैं। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में अब अरुण धूमल के अलावा खैरुल जमाल मजूमदार प्रतिनिधित्व करते दिखेंगे। वहीं, जयेश जॉर्ज को महिला प्रीमियर लीग कमेटी का अध्यक्ष बना गया है। इसके अलावा जयदेव शाह बीसीसीआई की शीर्ष परिषद में आम सभा के प्रतिनिधि चुने गए हैं।
आगे क्या होगा रोल?
मनहास की नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि बीसीसीआई में खिलाड़ी-केंद्रित नीतियों को और मजबूती मिलेगी और युवा क्रिकेटरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, सैकिया ने अपने पुराने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे और उनकी प्रशासनिक दक्षता की काफी सराहना की जाती है।
नया नेतृत्व, नए अवसर
इस नई टीम के गठन के साथ ही भारतीय क्रिकेट में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व खिलाड़ी के नेतृत्व में बोर्ड का दृष्टिकोण और भी खिलाड़ी-केंद्रित और रणनीतिक हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस टीम की प्राथमिकताओं में युवा क्रिकेटरों के विकास, घरेलू टूर्नामेंटों की गुणवत्ता बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की स्थिति मजबूत करना शामिल रहेगा।