स्टार्क ने कहा, 'दरारों ने अपनी भूमिका निभाई लेकिन जब चौथे और पांचवें दिन विकेट टूटती है तो ऐसा होता है। अगर आप हमेशा सपाट पिच तैयार करोगे तो क्रिकेट बल्लेबाजों का खेल बन जाएगा। आप गेंद और बल्ले के बीच रोमांचक मुकाबला चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'जब गेंद मूव कर रही होती है और बल्लेबाजों को खेलना होता है, यही खेल है। मार्कस हैरिस ने गेंद लगने के बावजूद खेलना जारी रखा और दोनों टीमों के बल्लेबाजों के कंधों पर गेंद लगी लेकिन उन्होंने खेलना जारी रखा। यह अच्छा आक्रामक क्रिकेट था और यह लोगों को खेल तक खींचकर लाता है।'
एडीलेड टेस्ट के दौरान स्टार्क के सुस्त होने के लिए आलोचना की गई थी लेकिन दोनों दो टेस्ट में 10 विकेट चटकाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। इस तेज गेंदबाज ने कहा कि आस्ट्रेलियाई आक्रमण भारत के खिलाफ जल्दी विकेट चटकाने का संयुक्त प्रयास कर रहा है और भारतीय सलामी बल्लेबाजों के खराब फार्म में होने से उन्हें निश्चित तौर पर मदद मिली है।
उन्होंने कहा, 'यह हमारी योजना है, हम जल्दी विकेट हासिल करना चाहते हैं और मध्य क्रम को नई गेंद के साथ गेंदबाजी करना चाहते हैं। अब भी हमारी यही योजना है। हम देखेंगे कि वे शीर्ष क्रम में बदलाव करते हैं या नहीं। हमारी अब भी यही योजना है- उन्हें जितना अधिक संभव हो उतना दबाव में डालने का प्रयास करो और जितना जल्दी हो सके मध्यक्रम को गेंदबाजी करो।'
बाए हाथ का यह तेज गेंदबाज हालांकि भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और लोकेश राहुल को अगर दोबारा मौका मिलता है तो उन्हें हल्के में नहीं खेलना चाहता। स्टार्क के तेज गेंदबाजी साझेदार पैट कमिंस ने पर्थ में विराट कोहली को गेंदबाजी करने पर कहा कि जब आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को गेंदबाजी करते हैं तो गलती की अधिक गुंजाइश नहीं होती। उन्होंने कहा, 'बेशक, जल्दी विकेट हासिल करना शानदार है और अगर आपको तरोताजा रहते हुए विकेट मिल जाते हैं तो नई गेंद से मध्यक्रम के खिलाफ मदद मिलती है।'
कमिंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि विराट ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। सभी अच्छे बल्लेबाजों की तरह उसके कुछ मजबूत पक्ष हैं और अगर आप इन क्षेत्रों में गेंदबाजी करते हैं तो वह संभवत: 10 में से नौ बार रन बटोर लेगा। हम अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं और उसे तेजी से रन नहीं बनाने देना चाहते। हम गेंदबाजी में निरंतरता चाहते हैं और काफी अच्छी गेंदें फेंकना चाहते हैं।' इनपुट-भाषा