मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने आईपीएल फाइनल न गंवाने का अपना सौ फीसदी रिकॉर्ड कायम रखा। उनके नेतृत्व में मुंबई ने रिकॉर्ड चौथा और कुल पांचवां खिताब जीता। मुंबई ने पहली बार फाइनल में खेल रही दिल्ली को पांच विकेट से हराया। जीत के बाद रोहित ने कहा जीत की आदत बनाए रखना महत्वपूर्ण था और इसमें टीम सफल रही।
रोहित ने कहा,‘जिस तरह से पूरे सत्र में टीम ने प्रदर्शन किया उससे मैं बहुत खुश हूं। मैंने टूर्नामेंट के शुरू में कहा था कि हमें जीत की आदत बनाए रखने की जरूरत है। हम इससे अधिक की उम्मीद नहीं कर सकते थे। हमने पहली गेंद से अपने प्रयास शुरू किए और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सहयोगी स्टाफ को भी बहुत श्रेय जाता है।'
उन्होंने आगे कहा कि मुझे खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिए उचित संतुलन तलाशना था। मैं उन कप्तानों में नहीं हूं जो खिलाड़ियों के पीछे पड़ा रहे। उनमें आत्मविश्वास भरना महत्वपूर्ण है। क्रुणाल, हार्दिक और पोलार्ड लंबे समय से अपनी भूमिका निभा रहे हैं। वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना है।
सूर्य के लिए मुझे गंवाना चाहिए था विकेट
रोहित को रन आउट होने से बचाने के लिए सूर्यकुमार ने अपना विकेट गंवाया। इस पर रोहित ने कहा,‘वह जिस तरह की फॉर्म में है मुझे उसके लिए अपना विकेट गंवाना चाहिए था। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की।’ फाइनल में राहुल चाहर को अंतिम एकादश में नहीं रखने पर रोहित ने इसे रणनीतिक फैसला बताया।
‘यह बहुत अच्छा अहसास है कि मैं पिछले 11 वर्षों से इस टीम से जुड़ा हूं और यह पांचवीं ट्रॉफी है। मुंबई के पास जितनी ट्रॉफी हैं, जैसा कौशल है, आप यह कह सकते हो कि मुंबई सर्वश्रेष्ठ टी20 टीम है।’
-कीरोन पोलार्ड, खिलाड़ी मुुंबई
‘बहुत कुछ श्रेय हमारी तैयारियों को जाता है। हम एक महीने पहले यहां आ गए थे और हर कोई अपनी भूमिका जानता था। हर कोई खेलने के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में था।’
-क्रुणाल पंड्या
‘मैं इससे (गेंदबाजी नहीं करने से) परेशान नहीं हूं। मैंने जो किया उसका लुत्फ उठाया। मेरे यह मौका मिलने से जुड़ा है। यह सब कुछ तैयारियों से जुड़ा है। हमने अच्छे प्रदर्शन करने और लगातार सुधार करने पर ध्यान दिया।
-हार्दिक पंड्या
‘पहले मैच से मुझे लग रहा था कि मेरी लय अच्छी रही। जब मैंने एबी डीविलियर्स और विराट कोहली के खिलाफ सुपर ओवर किया तो उसके बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। मैंने चीजों को सरल बनाए रखा और हर समय बेसिक्स पर ध्यान दिया।’ -
जसप्रीत बुमराह
‘तैयारियां, प्रक्रिया और रूटीन महत्वपूर्ण होता है। आपको अपने कौशल का प्रदर्शन करना होता है। वह (रोहित के सामने अपना विकेट गंवाने के बारे में) तब अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। वह पारी संवार रहे थे इसलिए मुझे अपना विकेट गंवाने का दुख नहीं है।’ -
सूर्यकुमार यादव
‘ईमानदारी से कहूं तो मैं इस सत्र से पहले बहुत अच्छी स्थिति में नहीं दिख रहा था। मैंने क्रुणाल और हार्दिक से बात की और अपनी फिटनेस व ऑफ साइड के खेल पर काम किया।’
-इशान किशन