कनाडा की डेनियल मैकगेही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने वाली दुनिया की पहली ट्रांसजेंडर क्रिकेटर होंगी। वह 2024 में होने वाले टी-20 महिला विश्वकप के क्षेत्रीय क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में अगले माह कनाडा के लिए खेलने जा रही हैं। 29 वर्षीय ओपनिंग बल्लेबाज मैकगेही का चयन इस टूर्नामेंट के लिए कनाडा की टीम में किया गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के पुरुष से महिला ट्रांसजेंडर क्रिकेटर बनने के सभी मानकों को पूरा कर खेलने की योग्यता हासिल की है। आईसीसी की मेडिकल टीम ने भी उन्हें महिला टीम में खेलने की मंजूरी दे दी है।
मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया की हैं मैकगेही
क्षेत्रीय क्वालिफाइंग टूर्नामेंट 4 से 11 सितंबर को लॉस एंजिलस में खेला जा रहा है। कनाडा इस टूूर्नामेंट में अर्जेंटीना, ब्राजील और अमेरिका के साथ खेलकर वैश्विक क्वालिफायर के लिए क्वालिफाई करने की कोशिश करेगा। मैकगेही का कहना है कि वह अपने समुदाय का प्रतिनिधत्व करने पर गौरवान्वित महसूस कर रही हैं और यह कभी उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था। वह फरवरी, 2020 में अपने मूल देश ऑस्ट्रेलिया से कनाडा आई थीं।
लगभग तीन साल पहले शुरू की महिला ट्रांसजेंडर बनने की प्रक्रिया
मैकगेही नवंबर, 2020 में पुरुष से महिला बनने के सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की। मई, 2021 में उन्होंने चिकित्सकीय बदलाव की प्रक्रिया शुरू की। आईसीसी की ओर से 2018 में जारी क्रिकेटरों की योग्यता के नियमों स्पष्ट किया गया है कि अगर ट्रांस महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना है तो उन्हें अपने खून में टेस्टोस्टोरान का स्तर कम से कम 12 माह तक 5 नैनोमोल प्रति लीटर से कम रखना होगा। अगर ट्रांस महिला इस स्तर को लगातार आगे भी बनाए रखती है तो वह खेलना जारी रख सकती है। ट्रांस महिला को विशेषज्ञ डॉक्टर का शपथ पत्र भी देना होता है जिसमें उसकी पहचान एक महिला के रूप में की गई हो।
आईसीसी ने कहा मैकगेही खेलने के योग्य
आईसीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मैकगेही ने आईसीसी के खिलाडिय़ों की योग्यता के नियमों की प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया है, जिसके चलते वह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने के योग्य हैं। मैकगेही ने कहा कि वह महिला क्रिकेटर की पात्रता हासिल करने के लिए बीते दो वर्ष से प्रत्येक माह अपने खून का टेस्ट करा रही थीं। यह बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्यों कि उन्हें खेलने के लिए बाहर भी जाना होता था। वह अपने डॉक्टर केजरिए सारी रिपोर्ट आईसीसी को भेजती रहीं।