पाकिस्तान की सलामी बल्लेबाज मुनिबा अली के रन आउट को लेकर हुए विवाद पर मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने सोमवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तीसरे अंपायर का निर्णय पूरी तरह सही और नियमों के अनुसार था यह घटना रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच महिला वनडे विश्व कप मुकाबले के दौरान घटी, जिसमें भारत ने 88 रन से जीत दर्ज की।
पाकिस्तान के 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर मुनिबा अली को एलबीडब्ल्यू से राहत मिली। लेकिन उसी समय जैसे ही वह क्रीज से बाहर निकलीं दीप्ति शर्मा का थ्रो सीधे स्टंप्स पर लगा। मुनिबा का बल्ला पहले क्रीज के अंदर मैदान पर था, लेकिन गेंद लगने के समय बल्ला हवा में था। तीसरे अंपायर केरिन क्लासटे ने उन्हें रन आउट करार दिया।
इस फैसले पर पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना खान ने विरोध जताते हुए कहा कि मुनिबा रन लेने का प्रयास नहीं कर रही थीं और उनका बल्ला पहले क्रीज में था। एमसीसी ने हालांकि इस फैसले को सही करार देते हुए कहा, 'यह निर्णय पूरी तरह से क्रिकेट के नियमों के अनुरूप था। इसमें किसी प्रकार की चूक नहीं हुई।'
एमसीसी ने नियम 30.1.2 का हवाला दिया। इस नियम के मुताबिक, 'कोई बल्लेबाज अगर क्रीज की ओर दौड़ते या डाइव करते समय क्रीज से आगे कोई हिस्सा (बल्ला या शरीर) मैदान पर रख देता है और फिर संपर्क खो देता है, तो वह आउट नहीं माना जाएगा।'
एमसीसी ने साफ किया, 'यह नियम केवल उन्हीं बल्लेबाजों पर लागू होता है जो दौड़ रहे हों या डाइव कर रहे हों। मुनिबा न तो दौड़ रही थीं, न ही डाइव कर रही थीं। उन्होंने क्रीज के बाहर से गार्ड लिया था और उनके पैर कभी भी क्रीज के भीतर नहीं आए।'
उन्होंने कहा, 'मुनिबा का बल्ला संक्षिप्त समय के लिए क्रीज में था, लेकिन जब गेंद विकेटों पर लगी तब उनका बल्ला हवा में था। वह ना तो दौड़ रही थीं, न डाइव कर रही थीं, इसलिए उन्हें ‘बाउंसिंग बैट’ वाले नियम का फायदा नहीं मिला।' एमसीसी ने कहा कि तीसरे अंपायर ने सही नियमों का पालन करते हुए उन्हें रन आउट करार दिया। भारत ने पाकिस्तान को 43 ओवर में 159 रन पर आउट कर बड़ी जीत दर्ज की।