टेस्ट क्रिकेट में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब दिन के समय खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में भी गुलाबी गेंद के इस्तेमाल का रास्ता खुल सकता है। अब तक गुलाबी गेंद का उपयोग केवल डे-नाइट टेस्ट मैचों में होता रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने इस पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
आईसीसी बैठक में प्रस्ताव
आईसीसी की क्रिकेट समिति की अहम बैठक हाल ही में जिम्बाब्वे के हरारे में आयोजित की गई। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि दिन के टेस्ट मैचों में भी लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर क्रिकेट जगत में गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
क्यों आया यह सुझाव?
रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ट मैचों के दौरान खराब रोशनी और बारिश जैसी परिस्थितियों में लाल गेंद को देखने में खिलाड़ियों और अंपायरों को दिक्कत होती है। ऐसे में गुलाबी गेंद बेहतर विजिबिलिटी प्रदान कर सकती है। इसी वजह से इसे दिन के टेस्ट मैचों में भी इस्तेमाल करने का सुझाव सामने आया है।
एक अक्तूबर से लागू हो सकता है नियम
आईसीसी की बैठक 30 मई को समाप्त हुई थी। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि एक अक्तूबर से नए नियम लागू किए जा सकते हैं। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला आईसीसी बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
खिलाड़ियों और टीमों की सहमति जरूरी
क्रिकेट समिति का मानना है कि गुलाबी गेंद के इस्तेमाल से पहले दोनों टीमों की सहमति जरूरी होनी चाहिए। क्योंकि लाल और गुलाबी गेंद के व्यवहार में अंतर होता है, जिसका असर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर पड़ सकता है।
टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव संभव
यदि यह नियम लागू होता है, तो टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे मैचों में दृश्यता बेहतर हो सकती है और खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या भी कम हो सकती है।