आठ टीमों के बीच कड़े संघर्ष के बाद आईपीएल महाकुंभ के फाइनल का वक्त आ ही गया। रविवार को यह तय हो जाएगा कि सीजन-8 की चमचमाती ट्रॉफी का असली हकदार कौन होगा। दो बार की चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स या हार के भंवर से निकलकर फाइनल के सफर तक पहुंचने की बाजीगरी दिखाने वाली मुंबई की टीम।
आईपीएल-8 के लीग मैचों में भी चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस ही शीर्ष की दो टीमों में शामिल थीं। रविवार को होने वाले फाइनल में भी दोनों टीमें फिर आमने-सामने आ खड़ी हुई हैं। रिकॉर्ड छठी बार फाइनल में पहुंचने वाली चेन्नई सुपरकिंग्स के पास महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में तीसरा खिताब जीतकर नया इतिहास रचने का मौका है तो रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई के पास भी चांस है कि दो बार खिताब जीतने वाली चेन्नई और कोलकाता टीमें की बराबरी कर दिखा दे कि वो किसी से कम नहीं है।
पहले क्वालीफायर में मुंबई से पराजित होने वाली चेन्नई ने दूसरे क्वालीफायर में मुश्किल विकेट पर बंगलोर को तीन विकेट से हराकर दिखा दिया है कि धोनी की अगुआई में टीम अपनी खामियों को दूर करना जानती है। आईपीएल की सबसे सफल टीम में गिनी जाने वाली चेन्नई के प्रदर्शन में माही की कप्तानी का भी जादू साफ नजर आता है। बल्लेबाज हों या गेंदबाज सभी एकजुट प्रयास करते दिखते हैं।
ये है चेन्नई सुपरकिंग्स की ताकत
बेशक अब न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैककुलम की सेवाएं टीम को उपलब्ध नहीं हैं जिन्होंने लीग मैचों में टीम की ओर से सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन अनुभवी माइक हसी ने दूसरे क्वालीफायर में 56 रन बनाकर दिखा दिया है कि फाइनल के लिए वह मैककुलम की भरपाई करने के लिए तैयार हैं।
अन्य बल्लेबाजों में ओपनर ड्वेन स्मिथ, फॉफ डू प्लेसिस, सुरेश रैना और कप्तान धोनी के रूप में टीम के पास मजबूत लाइन अप है। फिर रविंद्र जडेजा, अश्विन और पवन नेगी भी जरूरत पर उपयोगी बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। गेंदबाजी में अनुभवी आशीष नेहरा और ब्रावो अच्छी फार्म में चल रहे हैं। दरअसल पर्पल कैप की होड़ ही मुख्य तौर पर इन्हीं दोनों गेंदबाजों में लगी है। ब्रावो 24 विकेट ले चुके हैं जबकि नेहरा के 22 विकेट हैं।
इसके अलावा अश्विन, मोहित, रविंद्र जडेजा और युवा पवन नेगी भी चेन्नई की उम्मीदों पर खरे उतरते रहे हैं। उनके गेंदबाजों का कमाल है कि केकेआर के खिलाफ टीम ने 134 रनों का बचाव किया था।
कोलकाता का मैदान मुंबई के लिए 'लकी'
उधर मुंबई की टीम रविवार को चार दिन के विश्राम के बाद तरोताजा होकर उतरेगी। मुंबई की टीम ने टूर्नामेंट में बेहद खराब शुरुआत की थी। पहले छह मैचों में से पांच मैच हारे थे लेकिन उसके बाद आठ में से सात मैच जीतकर उसने दिखा दिया कि अब टीम की निगाहें खिताब पर लगी हैं और वह जीतने का दमखम भी रखती है।
बेहद अहम हो गए अंतिम लीग मैच में मुंबई ने सनराइजर्स हैदराबाद को 113 रनों पर आउट कर दिया और फिर टी-20 में छह ओवर पहले जीत दर्ज करके जोरदार जीत दर्ज की थी। कोलकाता का मैदान मुंबई के लिए लकी भी माना जाता है दो साल पहले यही उसने इसी चेन्नई टीम को हराकर अपना पहला खिताब जीता था।
कप्तान रोहित शर्मा के लिए भी ईडेन गार्डेन्स भाग्यशाली है उन्होंने पिछले साल नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ यही वनडे में 264 रनों की विश्व रिकॉर्ड पारी खेली थी। बल्लेबाजी में पार्थिव पटेल और लेंडल सिमंस की सलामी जोड़ी अक्सर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में सफल रही है। सिमंस अब तक पांच अर्द्धशतक लगा चुके हैं।
बल्लेबाजी में मुंबई के पास कप्तान रोहित, अंबाती रायडू, हार्दिक पांड्या और किरोन पोलार्ड हैं। गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा वो गेंदबाज हैं जो अपनी घातक यार्कर के लिए जाने जाते हैं। मैक्लेनघन के रूप में उनके जोड़ीदार भी अच्छी लय में हैं। इसके अलावा हरभजन के साथ किरोन पोलार्ड, आर विनय कुमार और सुचित भी मुंबई के गेंदबाजी तरकश के पैने तीर हैं।