चेन्नई के हाथों 80 रन से हारने के बाद दिल्ली को मनोबल बढाने के लिए बड़ी जीत की जरूरत है। इससे वह अंकतालिका में भी दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगी।
फिलहाल दिल्ली 13 मैचों में 16 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। मुंबई के 16 और चेन्नई के 18 अंक है। राजस्थान पर जीत से दिल्ली के पहले क्वालीफायर में खेलने की उम्मीद बढेगी जिससे उसे 12 मई को होने वाले फाइनल में खेलने के दो मौके मिलेंगे।
रबाडा की गैर मौजूदगी में दिल्ली की गेंदबाजी कमजोर लग रही है लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर को उससे ज्यादा चिंता बल्लेबाजों के एक ईकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की होगी। चेन्नई के चार विकेट पर 179 रन के जवाब में दिल्ली की टीम 99 रन पर आउट हो गई थी जिसमें से अय्यर के 44 रन थे।
पृथ्वी शॉ, शिखर धवन, ऋषभ पंत और कोलिन इनग्राम भी चेन्नई के खिलाफ खराब प्रदर्शन को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे।
दूसरी ओर राजस्थान 13 मैचों में 11 अंक होने के बावजूद तकनीकी रूप से टूर्नामेंट में बना हुआ है। उसे दिल्ली को हराने के साथ बाकी मैचों में अनुकूल नतीजों की उम्मीद करनी होगी।
दिल्ली को हराने से उसके 13 अंक हो जाएंगे। बेंगलोर के खिलाफ उसका पिछला मैच बारिश के कारण धुल गया था। कप्तान स्टीव स्मिथ विश्व कप की तैयारी के लिए आस्ट्रेलिया लौट चुके हैं, लिहाजा अजिंक्य रहाणे फिर कमान संभालेंगे। स्मिथ की जगह एश्टन टर्नर अंतिम ग्यारह में हो सकते हैं।
स्मिथ, जोस बटलर और बेन स्टोक्स के जाने से राजस्थान की बल्लेबाजी कमजोर हुई जिससे रहाणे, संजू सैमसन और लियाम लिविंगस्टोन पर दबाव आ गया लेकिन पिछले मैच में श्रेयस गोपाल की हैट्रिक के बाद राजस्थान का गेंदबाजी आक्रमण आत्मविश्वास से ओतप्रोत है।