कप्तान कोहली चाहेंगे कि उनका ‘मार्गदर्शक’ सफल रहे क्योंकि धोनी की भूमिका टीम के शनिवार को होने वाले फाइनल तक पहुंचने के लिए काफी अहम होगी। कोहली ने अभी तक धोनी को पांचवें नंबर के अलावा ऊपरी क्रम में भेजने की ओर संकेत नहीं किया है। और यह चतुराई भरी योजना हो सकती है अगर पूर्व कप्तान को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कराई जाए जबकि ‘पावर हिटर’ जैसे ऋ षभ पंत और हार्दिक पंड्या निचले क्रम में अपना नैसर्गिक खेल दिखाएं।
श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर धनजंय डि सिल्वा काफी किफायती रहे हैं। अगर धोनी को बीच के ओवरों में डि सिल्वा की ज्यादा गेंद खेलनी पड़ती हैं और वह इन पर रन जुटा लेते हैं तो इससे उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी ही होगी।
अभी तक मैचों में धोनी स्पिनरों के खिलाफ 81 गेंद में केवल 47 रन ही बना पाए हैं जिससे बीच के ओवरों में धीमे गेंदबाजों के खिलाफ कमजोरी दिख रही है। इसे देखते हुए दिमुथ करुणारत्ने अपने बाएं हाथ के स्पिनर मिलिंडा सिरीवर्धने को इस्तेमाल करना चाहेंगे।
47 : रन ही बना पाए हैं धोनी अभी तक स्पिनरों के खिलाफ 81 गेंदों में
04 : शतकों की मदद से अभी तक 544 रन बना चुके हैं ओपनर रोहित
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले को भारतीय टीम थोड़ा सहजता से ले सकती है और कुछ अन्य संयोजन आजमा सकती है जिसमें रविंद्र जडेजा को जोड़ना शामिल है। अभी टीम से जुड़े मयंक अग्रवाल को छोड़कर जडेजा एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें विश्व कप में एक भी मैच खेलने को नहीं मिला है लेकिन श्रीलंकाई टीम में बायें हाथ के अधिक खिलाड़ियों को देखते हुए इसकी संभावना नहीं दिख रही है।
हालांकि इससे कोहली और कोच रवि शास्त्री मध्यक्रम में केदार जाधव की वापसी करा सकते हैं क्योंकि वह ऑफ ब्रेक गेंद फेंकते हैं। पर दिनेश कार्तिक के लिए यह थोड़ा अनुचित होगा जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में ज्यादा गेंदों का सामना नहीं किया था। विजय शंकर की जगह मयंक आ चुके हैं और उनके परम मित्र लोकेश राहुल दो अर्द्धशतक जड़कर रोहित के साथ शीर्ष क्रम में अपना स्थान सुनिश्चित कर चुके हैं। रोहित भी अपने पांचवें शतक की उम्मीद लगाए होंगे।
जसप्रीत बुमराह (14) की अगुआई वाले तेज गेंदबाजी आक्रमण को मोहम्मद शमी (14 विकेट) का पूरा सहयोग मिला है और सेमीफाइनल से पहले इन्हें कुछ आराम देना आदर्श स्थिति होगी। पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान दाव पर लगा है तो कोहली कम से कम एक को तो मैदान पर उतारना ही चाहेंगे।