आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के खुलासे के बाद एक बार फिर भद्रजनों का खेल क्रिकेट कटघरे में खड़ा हो गया है। हालांकि क्रिकेट जितना पुराना है उतना पुराना फिक्सिंग नहीं है। क्रिकेट में फिक्सिंग का पहला बड़ा मामला 1994-95 में सामने आया।
इसके बाद अब तक मैच फिक्सिंग के अनगिनत मामले सामने आ चुके हैं। सबसे बड़ा मामला द. अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए से जुड़ा था। हालांकि इस केस के कुछ ही दिनों बाद हैंसी क्रोनिए एक निजी विमान दुर्घटना में परिवार सहित इस दुनिया को छोड़कर चले गए। अब तक आए मैच फिक्सिंग के मामलों पर एक नजर।
- पहली बार वर्ष 1994 में पाकिस्तान के तत्कालीन कप्तान सलीम मलिक पर मैच फिक्स करने का आरोप लगा।
- इसी ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तान दौरे के दौरान विरोधी टीम के खिलाड़ियों शेन वार्न और मार्क वा को लचर प्रदर्शन करने के लिए पैसे की पेशकश करने का आरोप लगा था।
- इसके बाद 1996 में भारतीय क्रिकेट के प्रबंधक सुनील देव ने कुछ भारतीय क्रिकेटरों पर मैच फिक्सिंग करने के लिए रुपयों की मांग करने का आरोप लगाया था।
- 1997 में भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर पर 1994 में श्रीलंका में खेले गए मैच के दौरान फिक्सिंग कराने के लिए टीम के खिलाड़ियों को 25 लाख रुपए दिलाने की भी बात कही गई थी।
- 1998 में पाकिस्तानी गेंदबाज अताउर रहमान पर वसीम अकरम को न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब गेंदबाजी करने के लिए तीन लाख डालर की पेशकश करने का आरोप लगा था।
- 1998 में ही पाकिस्तानी क्रिकेटर राशिद मजीद ने वसीम अकरम, सलीम मलिक, इंजमाम और एजाज अहमद पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था।
- इसी साल ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर शेन वार्न और मार्क वा ने स्वीकार किया था कि उन्होंने वर्ष 1994 में श्रीलंका में खेले गए सिंगर कप के दौरान मौसम और पिच की जानकारी एक भारतीय सट्टेबाज को दी थी। इसके एवज में उन्होंने पैसे लेने की भी बात स्वीकार की थी।
- 2000 में दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर हैंसी क्रोनिए पर भारत के खिलाफ खेले गए एकदिवसीय मैच में अपनी टीम की फिक्सिंग कराने का आरोप लगाया था।
- 11 अप्रैल 2000 को क्रोनिए ने स्वीकार किया था कि उसने भारत में खेले गए एकदिवसीय सीरीज के दौरान कई अहम सूचनाएं मुहैया कराता था।
- 24 मई 2000 को क्रिकेटर मनोज प्रभाकर ने कपिल देव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ही उन्हें वर्ष 1994 में श्रीलंका में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ खराब प्रदर्शन करने को कहा था।
- 24 मई 2000 को ही पाकिस्तान की एक न्यायिक जांच समिति ने पूर्व कप्तान मलिक मुहम्मद कयूम और गेंदबाज अताउर रहमान पर फिक्सिंग के आरोपों में लिप्त होने की पुष्टि की थी।
- जून 2000: दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी हर्शेल गिब्स ने स्वीकार किया था कि उनके एक पूर्व कप्तान ने उन्हें भारत में खेले गए एक मुकाबले में 20 से कम रन बनाने को कहा था। उन्होंने जांच कर रही समिति को बताया था कि इसके बदले में उन्हें 15 हजार डालर दिए गए थे।
- जून 2000 में दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट प्रमुख अली बशिर ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व सीईओ माजिद खान ने बताया है कि विश्व कप 1999 के दो मैच पहले से ही फिक्स थे।
- 15 जून 2000 को क्रोनिए ने कहा था कि उन्होंने एक मैच में फिक्सिंग के लिए एक लाख डालर लिए थे। मगर उन्होंने इससे इंकार करते हुए कहा कि इन रुपयों के बदले में उन्होंने कोई मैच न तो फिक्स किया था और न ही कराया था।
- 11 अक्टूबर 2000 को क्रोनिए पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।
- 27 नवंबर 2000 को भारतीय क्रिकेटर अजहरुद्दीन को फिक्सिंग के आरोपों में दोषी पाया गया जबकि अजय जडेजा, मनोज प्रभाकर, अजय शर्मा और भारतीय टीम के पूर्व फीजीयो अली इरानी के संबंध सट्टेबाजों से होने की भी पुष्टि की गई थी।
- 5 दिसंबर 2000 को अजहरुद्दीन और अजय शर्मा पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।
- अगस्त 2004 में केन्या के पूर्व कप्तान मॉरिश ओडेंबे पर पांच साल तक खेल प्रतिबंध लगाया गया। इस पूर्व कप्तान को कई मैचों में पैसे लेकर फिक्सिंग करने का दोषी पाया गया था।
- नवंबर 2004 में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफेन फ्लेमिंग ने दावा किया कि उन्हें एक भारतीय खेल आयोजक ने वर्ष 1999 में खेले गए विश्व कप में खराब प्रदर्शन करने के लिए 37 हजार डालर की रकम पेश की गई थी।
- 13 मई 2008 को मैरियन सैमुअल्स को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। उन पर वर्ष 2007 में भारत में खेले गए वेस्टइंडीज एकदिवसीय सीरीज के दौरान एक भारतीय सट्टेबाज द्वारा फिक्सिंग के लिए पैसे लेने का आरोप सिद्ध किया गया था।
- 15 मई 2010 को एसेक्स खिलाड़ी दानिश कनेरिया और मार्विन वेस्टफील्ड को फिक्सिंग की जांच के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। मगर उन पर कोई भी आरोप तय नहीं किया जा सका था।
- 2011 में पाकिस्तान के खिलाड़ी सलमान बट्ट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ को 2010 में मैच फिक्सिंग मामले में जेल हुई थी। जबकि उनके एजेंट मजहर मजीद को ढाई साल के लिए जेल भेजा गया।