एक से बढ़कर एक स्टार लेकर रणजी मुकाबले में उतर रही दिल्ली के सामने यूपी के दांव क्या होंगे, उधर से सहवाग, गंभीर, विराट, उन्मुक्त जैसे सूरमा वार करेंगे तो इधर से पलटवार कौन करेगा? टीम यूपी के प्रशंसक 2008 की सोच कर डर रहे हैं, जब तमिलनाडु की टीम के आगे यूपी की सेना ताश के पत्तों की बिखर गई थी। हार भी ऐसी कि 1 पारी और 238 रन से लुटिया डूब गई।
कुछ चेहरों को छोड़ दिया जाए तो इस बार भी यूपी टीम उन्हीं पुराने खिलाड़ियों को लेकर उतर रही है। टीम में सुपरस्टार रैना, प्रवीण कुमार की ताकत जरूर बढ़ी नजर आ रही है, जो किसी भी मैच का अपने दम पर पासा पलट सकते हैं। एक्सपर्ट भी कह रहे हैं, रैना की अगुवाई में भुवनेश्वर, प्रवीण, सुदीप, चावला कुछ भी गुल खिला सकते हैं। हालांकि, उम्मीद रैना से ज्यादा है।
नवंबर 2008 में नेहरू स्टेडियम पर यूपी और तमिलनाडु के बीच हुए रणजी मैच में यूपी को 1 पारी और 238 रनों से करारी शिकस्त मिली थी। इस मैच के दो तीन खिलाड़ियों को छोड़कर सभी खिलाड़ी 2 नवंबर को दिल्ली के साथ मैच में उतरेंगे। इनमें तन्मय श्रीवास्तव, परविंदर सिंह, भुवनेश कुमार, पीयूष चावला, आमिर खान, इम्तियाज अहमद और सुदीप त्यागी इस मैच में भी खेलेंगे।
पिच क्यूरेटर योगेश बताते हैं यूपी और दिल्ली के बीच होने वाले मुकाबले के लिए तैयार पिच का मिजाज 2008 के विकेट का है। इस मैच में तमिलनाडु का गेंदबाजी और बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन था जबकि यूपी टीम फिसड्डी साबित हुई थी। कार्तिक ने 213 रन और बद्रीनाथ ने 123 रन बनाए थे। इसी मैच में लक्ष्मीपति बालाजी को 9 विकेट मिले थे। वहीं यूपी के बल्लेबाज पहली पारी में 119 और दूसरी पारी में 150 रन पर ही सिमट गए थे।
क्रिकेट एक्सपर्ट कहते हैं कि यूपी के मुकाबले दिल्ली की टीम काफी मजबूत है लेकिन क्रिकेट अनिश्चतता का खेल है। काफी कुछ विकेट के बर्ताव पर निर्भर करेगा। पिच क्यूरेटर योगेश ने बताया कि क्वालिटी बैट्समैन के लिए विकेट शानदार है। सीम बॉलर को काफी मदद मिलेगी। लेग स्पिनर के लिए भी बेहतर विकेट है। हालांकि बल्लेबाजी थोड़ी मुश्किल होगी लेकिन टॉप लेवल के बैट्समैन आसानी से रन बना सकेंगे। शुरू के एक घंटे मुश्किल होंगे।
ऐसे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने विकेट नहीं खोया तो बाद में बैटिंग आसान हो जाएगी। जीसीए चेयरमैन उमेश चोपड़ा ने कहा कि दबाव होने केबाद भी वेंकटेश प्रसाद की कोचिंग काफी बेहतर है। चार दिनों के प्रैक्टिस सेशन में खिलाड़ियों के साथ उनका इन्वाल्वमेंट काफी बेहतर रहा है। ऐसे में यूपी टीम आत्मविश्वास से लबरेज हैं। रैना के आने से यूपी और मजबूत हुई है।