आइसीसी टी-20 विश्व कप की गारंटी फीस से टीम के सहयोगी स्टॉफ को भुगतान करने से संबंधित गोपनीय पत्र के मीडिया में लीक होने से श्रीलंका के कप्तान माहेला जयवर्द्घने काफी खफा हैं। जयवर्द्घने ने कहा कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) को लिखे गोपनीय पत्र के लीक होने की घटना के बाद से उनका अपने देश के बोर्ड पर से विश्वास उठ गया है।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर में जयवर्धने ने कहा, 'राष्ट्रीय टीम का कप्तान होने के कारण मैं इससे परेशान और बेहद निराश हूं कि एसएलसी को सौंपा गया गोपनीय दस्तावेज 19 दिसंबर को डेली मिरर में प्रकाशित हो गया। इससे खिलाड़ी और स्टॉफ के अन्य सदस्य काफी परेशानी महसूस कर रहे हैं।'
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम की कप्तानी संभाल रहे जयवर्धने ने लिखा कि जो कुछ हुआ उससे मेरा एसएलसी पर से विश्वास उठ गया है। अब मेरे लिए भविष्य में बोर्ड के साथ कोई भी समझौता करना आसान नहीं होगा। समाचार पत्र ने दावा किया था कि श्रीलंका क्रिकेट ने टी-20 विश्व कप की गारंटी राशि का हिस्सा टीम प्रबंधन और सहयोगी स्टॉफ को देने के जयवर्धने के आग्रह को नामंजूर कर दिया है।
जयवर्धने ने अपने पत्र में लिखा कि टीम प्रबंधन, बैग उठाने वाले लड़कों, मैदानकर्मियों और क्यूरेटरों के साथ शुल्क का हिस्सा बांटने का फैसला केवल उनके प्रयासों और सेवाओं को सम्मान देने की खातिर लिया गया था। उन्होंने कहा कि गारंटी शुल्क वह राशि है जिसे आइसीसी ने श्रीलंका क्रिकेट को दिया है। इसकी 25 प्रतिशत राशि खिलाड़ियों को मिलती है और यह खिलाड़ियों का अधिकार है कि वह उन्हें मिलने वाली राशि को किस तरह से बांटते या इस्तेमाल करते हैं।