बीसीसीआई और लोढ़ा समिति के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बात अधिकारियों को उनके पद से हटाए जाने तक आ गई है। सोमवार को लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करके अनुरोध किया है कि बीसीसीआई के पदाधिकारियों को उनके पद से हटा दिया जाए। इसके साथ ही कमेटी ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि पूर्व गृह सचिव जी के पिल्लई को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए।
कमेटी ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह उन्हें सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति और भत्ते तय करने के अधिकार दिए जाएं। साथ ही कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात की भी अनुमति मांगी है कि राज्य के क्रिकेट संघों के अधिकारी यदि दिशा निर्देशों की पालन करने में असमर्थ रहते हैं तो उनके पास उनके कार्यालय को सीज करने का अधिकार हो।
#LodhaCommittee seeks SC nod to appoint ex-union Home Secy GK Pillai as observer of #BCCI to supervise its administration.
— Press Trust of India (@PTI_News) November 21, 2016
#LodhaCommittee also seeks #SC nod to empower it to appoint secretarial staff, assistance and fix remuneration. #BCCI
— Press Trust of India (@PTI_News) November 21, 2016
Committee seeks SC nod that all #BCCI, state bodies office bearers who fail to fulfill criteria it laid, cease to hold office forthwith.
— Press Trust of India (@PTI_News) November 21, 2016
अनुशंसाओं को लागू करने के लिए तीन चौथाई सदस्यों का समर्थन चाहिए :बीसीसीआई
बीसीसीआई
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बीसीसीआई लोढ़ा समिति द्वारा सुधारों को लागू करने के लिए दी गई समय सीमा को पार कर चुकी है। ऐसे में बीसीसीआई ने अपने संविधान का हवाला देते हुए कमेटी की सिफारिशों को लागू करने में असमर्थता जाहिर की थी। बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर कह चुके हैं कि राज्य क्रिकेट बोर्ड्स को सिफारिशें मंजूर नहीं है। अनुशंसाओं को लागू करने के लिए तीन चौथाई सदस्यों का समर्थन चाहिए। जो उनके पास नहीं है।
बीसीसीआई को लोढ़ा समिति 9 अहम सिफारिशें स्वीकार हैं
अनुराग ठाकुर
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सुप्रीम कोर्ट पहले ही आदेश दे चुका है कि सिफारिशों को पूरी तरह लागू करे. लेकिन बावजूद इसके बीसीसीआई अपनी अलग दलील रखता रहा है। बीसीसीआई को लोढ़ा कमिटी की 70 साल से ज्यादा उम्र के पदाधिकारियों की छुट्टी, एक व्यक्ति के पास एक से ज्यादा पद ना हो, एक राज्य का एक से ज्यादा वोट ना हो, चयन समिति में तीन सदस्य हों, पदाधिकारियों के नौ साल या तीन कार्यकाल और पदाधिकारियों का कार्यकाल लगातार ना हो जैसी सिफारिशों पर एतराज करता रहा है।
बीसीसीआई ने लोढ़ा समिति की 9 अहम सिफारिशें स्वीकार की हैं जिसमें अपेक्स काउंसिल बनाना, अपेक्स काउंसिल में सीएजी का सदस्य होना, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में सीएजी का प्रतिनिधित्व और खिलाड़ियों का संगठन बनाने जैसी सिफारिशें मुख्य रूप से शामिल हैं।