महेला जयवर्धने की शानदार बल्लेबाजी के बूते श्रींलकाई टीम ने अफगान टीम के सामने हार के संकट को दूर कर दिया है। एक वक्त श्रीलंका के सामने हार का संकट पैदा हो गया था।
टीम के बल्लेबाजों का शीर्ष क्रम अफगान गेंदबाजों के आगे नहीं टिक पाया। टीम के सलामी बल्लेबाज लाहिरू थिरमाने और तिलकरत्ने दिलशान खाता खोले बिना ही क्रमश: पहले और दूसरे ओवर में चलते बने।
उसके कुछ देर बाद ही श्रीलंका के तीसरा विकेट बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज कुमार संगकारा के रुप में गंवाया। संगकारा मात्र 7 रन ही बना सके। श्रीलंकाई बल्लेबाज दिमत कोरत्ने अफगान गेंदबाजों का चौथा शिकार बने। इस वक्त श्रीलंका का स्कोर मात्र 51 रन था।
अफगान गेंदबाज हावी होते जा रहे थे और श्रीलंकाई बल्लेबाज बैकफुट पर जा रहे थे। इस वक्त श्रीलंकाई टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी। पांचवे विकेट के लिए क्रीज पर महेला जयवर्धने और कप्तान एंगेला मैथ्यूज पहुंचे। दोनों ने टिककर और धीमी गति से खेलना शुरू किया।
दोनों बल्लेबाजों ने स्कोर को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। जब दोनों ने अफगान गेंदबाजों पर अपनी पकड़ बना ली फिर जयवर्धने ने तेज गति से खेलना शुरू किया और पहले फिफ्टी और फिर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 8 चौके और एक छक्का लगाया।
लेकिन फिर अचानक ही पहले मैथ्यूज (44) और फिर जयवर्धने (100) ने अपना विकेट गंवा दिया। दोनों के बीच 126 रनों की साझेदारी हुई। पर आउट होने से पहले ही दोनों बल्लेबाज अपना काम पूरा कर चुके थे और टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा चुके थे। बाकी का काम उनके आउट होने के बाद क्रीज पर पहुंचे तिशारा परेरा और जीवन मेंडिस ने 4 विकेट और 10 गेंद रहते पूरा कर लिया।
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया था।