फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोहली की करिश्माई पारी बेकार, भारत 48 रनों से हारा

Sat, 13 Dec 2014 02:56 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
एडिलेड टेस्ट का पांचवां और अंतिम दिन काफी शानदार रहा क्योंकि मैच में कई बार उतार-चढ़ाव आए। हालांकि भारतीय कप्तान विराट कोहली (141) की करिश्माई पारी ऑफ स्पिनर नाथन ल्योन (12 विकेट) की गेंदबाजी के आगे फीकी साबित हो गई और भारत को 48 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


लाइव स्कोर कार्ड के लिए क्लिक करें।

पांचवें दिन टी-ब्रेक तक भारत का स्कोर 2 विकेट पर 205 रन था और वह जीत से 160 रन दूर थे। लेकिन खेल के अंतिम सत्र में ल्योन ने एक के बाद एक करके भारतीय बल्लेबाजों के विकेट झटककर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिला दी। ल्योन ने दूसरी पारी में 7 विकेट झटके। पहली पारी में भी उन्होंने 5 विकेट निकाले थे। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में पहली बार 10 से ज्यादा विकेट झटकने का कारनामा किया है।

365 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही टीम इंडिया 315 रन बनाकर आउट हो गई। भारत की ओर से कोहली ने सर्वाधिक 141 रनों की पारी खेली जो उनकी भी सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी है। कोहली के अलावा मुरली विजय ने 99 रन बनाए और वह शतक से महज एक रन से चूक गए। दूसरी पारी में भारत की ओर से सिर्फ 4 बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू सके जिससे टीम इंडिया ने अपने अंतिम 8 विकेट महज 72 रन के अंदर गंवा दिए।
विज्ञापन


इस जीत के साथ ही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर अब 1-0 की बढ़त बना ली है।
Trending Videos

अंपायर के गलत फैसले का शिकार बने धवन

पांचवें दिन का खेल शुरू होने से पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी कल के स्कोर 5 विकेट पर 290 रन पर ही घोषित कर दी, जिस कारण भारत को जीत के लिए 364 रनों का लक्ष्य मिला।

टीम इंडिया इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी अपनी सलामी जोड़ी शिखर धवन और मुरली विजय के साथ। हालांक‌ि यह जोड़ी लंबे समय तक क्रीज पर टिके नहीं रह सकी क्योंकि अंपायर के एक गलत फैसले के कारण भारत ने धवन का विकेट सस्ते में गंवा दिया। धवन 9 रन बनाकर कैच आउट हो गए।

भारतीय पारी के चौथे ओवर में तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन की पहली गेंद धवन के शरीर को छूते हुए विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के दस्ताने में चली गई और अंपायर ने उन्हें कैच आउट करार दे दिया।

अंपायर के इस गलत फैसले के कारण 16 रन पर ही पहला विकेट गंवाने के बाद मुरली विजय का साथ देने चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर आए और दोनों ने टीम को 50 के पार पहुंचाया। लेकिन 21 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे पुजारा एक बार फिर ऑफ स्पिनर नाथन ल्योन की गेंद को भांप नहीं सके और विकेट के पीछे लपके गए। ल्योन ने टेस्ट मैच में चौथी बार पुजारा को अपना शिकार बनाया है। भारतीय टीम अपने 2 विकेट महज 57 रन पर खोने से संकट में आ गई थी।

दोहरे झटके के बाद मुरली-कोहली ने संभाला

बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया महज 57 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद संघर्ष कर रही थी। मुरली विजय ने कप्तान विराट कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने कंगारू आक्रमण का डटकर सामना करते हुए खेल का पहला सत्र आसानी से बिना किसी नुकसान के निकाल दिया। लंच तक भारत का स्कोर था 2 विकेट पर 105 रन।

लंच के बाद लौटने पर मुरली ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने पहली पारी में भी अर्धशतकीय पारी खेली थी। दूसरी ओर, कप्‍तान कोहली के दिमाग में मैच बचाने के साथ-साथ जीतने का भी लक्ष्य था और यही कारण है कि उन्होंने रन बनाने के मौके नहीं गंवाए। पहली पारी में शतक लगाने वाले कोहली ने दूसरी पारी में 69 गेंदों में फिफ्टी ठोक दी।

कोहली ने दूसरे सत्र में भी तेज बल्‍लेबाजी की और टीम का स्कोर तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ाते गए। उनकी तेज पारी का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि टी-ब्रेक तक कोहली ने 82 रन बना लिए थे जबकि ओपनिंग करने आए मुरली ने 85 रन ही बनाए थे। टी-ब्रेक तक भारत ने 2 विकेट पर 205 रन बनाए थे।

अंतिम सत्र दोनों टीमों के लिए बेहद निर्णायक साबित हुआ। कोहली ने जहां शतक लगाने के बाद करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली वहीं मुरली अपने शतक से एक रन से चूक गए। मुरली के जाने के बाद से विकेटों का पतन शुरू हो गया और अंतिम 8 विकेट महज 72 रन के अंदर गंवा दिए। एक समय जीत की ओर जा रही भारतीय टीम को इस मैच में 48 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा।
विज्ञापन

एक भी गेंद खेले बगैर पारी घोषित की पारी

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने आज अपने चौथे दिन के स्कोर 5 विकेट पर 290 रन से आगे नहीं खेलने का फैसला लिया और अपनी दूसरी पारी इसी स्कोर पर घोषित कर दी।

दूसरी पारी में भी डेविड वॉर्नर ने शतक लगाया था। स्‍टीवन स्मि‌थ 52 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों पारियों में शतक लगाने वाले डेविड वॉर्नर ऐसे पांचवें बल्लेबाज बने जिन्होंने एक ही साल में दो बार दोनों पारी में शतक ठोके हों। इसके अलावा उन्होंने इस साल अपना छठा टेस्ट शतक ठोका।

एक वर्ष में सर्वाधिक शतक ठोकने का ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (7) के नाम है। जबकि वर्ल्ड रिकॉर्ड पाकिस्तान के मोहम्मद यूसुफ (9) के नाम है। वार्नर ने इस साल महज 7 टेस्ट में ही एक हजार रन 75.78 के औसत से पूरे किए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें