दुनिया के लोकप्रिय और महान अंपायर डिकी बर्ड का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इस घटना ने पूरे क्रिकेट जगत को सदमे में डाल दिया है। डिकी बर्ड के निधन पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'क्रिकेट ने अपनी सबसे प्रतिभाशाली आत्माओं में से एक को खो दिया। डिकी बर्ड ने न केवल खेल की अंपायरिंग की, बल्कि उन्होंने इसे दिल, बुद्धि और उत्कृष्टता के साथ अपनाया। महान खिलाड़ी, आपकी आत्मा को शांति मिले।'
1983 विश्व कप के फाइनल में की थी अंपायरिंग
यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने बर्ड के निधन की पुष्टि करते हुए दुख जताया। डिकी बर्ड ने अपने करियर में 66 टेस्ट और 69 वनडे मैचों में अंपायरिंग की, जिनमें तीन विश्व कप फाइनल भी शामिल थे। यॉर्कशायर से बतौर खिलाड़ी करियर शुरू करने वाले बर्ड ने 1956 में इंग्लैंड के लिए डेब्यू किया और 1964 तक खेले। 2014 में वे क्लब के अध्यक्ष भी बने। दिलचस्प बात यह है कि बर्ड 1983 विश्व कप के फाइनल में भी अंपायर थे। भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था।
मजाकिया स्वभाव के लिए थे प्रसिद्ध
बर्ड ने 93 प्रथम श्रेणी मैचों में 20.71 के औसत से 3314 रन बनाए और दो शतक लगाए। हालांकि, चोट के कारण 1964 में उनका खेल करियर जल्दी खत्म हो गया, लेकिन उसी के बाद उन्होंने अंपायरिंग को अपनाया और विश्वभर में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। बर्ड अपने मजाकिया स्वभाव के लिए प्रसिद्ध थे। यॉर्कशायर क्लब ने बर्ड को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'वे खेल भावना, विनम्रता और खुशी की एक अमिट विरासत छोड़ गए हैं। डिकी हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।'