बीसीसीआई ने बैठक में फैसला लेते हुए आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है।
बैठक को रोकने के लिए मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।
ललित मोदी पर आईपीएल में वित्तीय अनियमिततओं के आरोप है। फिल्हाल उन्होंने लंदन में शरण ले रखी है। मोदी को लेकर आज हुई बीसीसीआई की बैठक में सभी संबद्ध इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बीसीसीआई की इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 29 सितंबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक में पदाधिकारियों के चुनाव होने हैं और एन श्रीनिवासन एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करने वाले हैं।
बीसीसीआई भी आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले से घिरा हुआ है। साथ ही वह 2008 में दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस लीग टी-20 टूर्नामेंट में भी फेमा के चक्कर में फंसा हैं।
श्रीनिवासन पर अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने का दबाव है और 20 संबद्ध इकाइयों ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी है।
श्रीनिवासन पर फैसला शुक्रवार को
श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोकने को लेकर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (कैब) की याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगा।
कैब ने श्रीनिवासन को दोबारा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सोमवार को शीर्षस्थ अदालत में याचिका दायर की थी।
कैब के वकील ने चेन्नई में 29 सितंबर को बीसीसीआई के होने वाले चुनाव के मद्देनजर मामले की त्वरित सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति एके पटनायक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष याचिका का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने दलील दी कि बीसीसीआई की वार्षिक आमसभा (एजीएम) में श्रीनिवासन बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले हैं जिन्हें रोका जाना नितांत जरूरी है।
न्यायमूर्ति पटनायक ने एसोसिएशन की दलीलें गंभीरता से सुनने के बाद कहा कि वह इस मामले की विस्तृत सुनवाई 27 सितंबर को करेंगे।