लक्ष्मीपति बालाजी यानी वह मुस्कुराता चेहरा, जिसने भारत ही नहीं बल्कि कट्टर दुश्मन समझे जाने वाले पाकिस्तान में भी अपने दीवानों की फौज खड़ी कर दी थी। 2002 में टीम इंडिया में एंट्री हुई। मगर असल पहचान मिली 2004 में, जब लंबे अरसे बाद भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर गई थी। टूर पर रवाना होने से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने टीम के साथ करीब एक घंटा बिताया। तोहफे में एक बल्ला भी दिया, जिस पर लिखा था- खेल ही नहीं, दिल भी जीतिए-शुभकामनाएं। शायद पीएम की यही बात बालाजी के दिल में घर कर गई।