पूर्व श्रीलंकाई कप्तान और अपने दौर के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज रहे कुमार संगाकारा मंगलवार को ऐतिहासिक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के पहले गैर ब्रिटिश अध्यक्ष बने। वह इस पद पर एक साल तक रहेंगे। निवर्तमान अध्यक्ष एंथोनी व्रेफोर्ड ने मई में लॉर्ड्स में एमसीसी की वार्षिक आम बैठक में संगकारा के नामांकन की घोषणा की थी।
संगकारा एमसीसी के 233 साल के गौरवशाली इतिहास में पहले विदेशी एमसीसी प्रेसीडेंट बने। 41 वर्षीय संगकारा से पहले पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर टेड डेक्सटर, डेरेक अंडरवुड, माइक ब्रियरली, कॉलिन कॉड्रे, माइक गैटिंग और गबी एलन एमसीसी के अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके है।
श्रीलंका के लिए 134 टेस्ट में 12400 रन बनाने वाले संगाकारा लंबे समय से एमसीसी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2002 में इंग्लैंड का दौरा करने वाली श्रीलंका की टीम की ओर से चेस्टरफील्ड के क्वीन्स पार्क में एमसीसी के खिलाफ प्रथम श्रेणी मैच में पारी का आगाज किया। वह 2005 में सुनामी राहत मैच में एमसीसी की ओर से लॉर्ड्स पर अंतरराष्ट्रीय एकादश के खिलाफ भी खेले। संगकारा को 2012 में क्लब की मानद आजीवन सदस्यता दी गई। इसी साल वह एमसीसी की विश्व क्रिकेट समिति से जुड़े और इसके सक्रिय सदस्य बने रहे।
याद हो कि एमसीसी लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का मालिक है वह क्रिकेट के नियमों का क्रिकेट के कानून का अभिभावक है। एमसीसी की स्थापना 1787 में हुई थी और अब तक इतिहास में उसके 168 अध्यक्ष बने हैं। इस लिस्ट में रॉयल परिवार के एक सदस्य का नाम शामिल है, लेकिन अब तक कोई गैर-ब्रिटिश सदस्य अध्यक्ष नहीं बना था।
संगकारा ने बयान में कहा, 'एमसीसी अध्यक्ष के प्रतिष्ठित पद पर काबिज होकर मैं रोमांचित हूं और क्रिकेट के शानदार वर्ष के लिए एमसीसी के साथ कड़ी मेहनत करने को लेकर उत्सुक हूं।’ एमसीसी अध्यक्ष के रूप के संगकारा के कार्यकाल के दौरान इंग्लैंड वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला भी खेलेगा। इसी दौरान ‘हंर्डेड’ प्रतियोगिता भी लांच की जाएगी।