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Asia Cup: इंग्लैंड दौरे पर गंभीर के स्पष्ट संदेश से कुलदीप को मिली मदद, गेंदबाजी में सुधार की वकालत की

Thu, 18 Sep 2025 11:03 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

कुलदीप ने स्पष्ट किया कि वह खुद को एक गेंदबाजी ऑलराउंडर में बदलने की कोशिश करके चीजों को जटिल नहीं करना चाहते। उन्होंने दोबारा मौके मिलने से पहले अपने कौशल पर काम करना, अपनी फिटनेस में सुधार करना और अपनी गेंदबाजी के समय को बढ़ाना पसंद किया।
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कुलदीप यादव - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारतीय टीम के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने खुलासा करते हुए बताया कि किस तरह इंग्लैंड दौरे पर मुख्य कोच गौतम गंभीर के स्पष्ट संदेश से उन्हें मदद मिली। कुलदीप फिलहाल एशिया कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं और शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। कुलदीप एशिया कप के शुरुआती दो मैचों में सात विकेट ले चुके हैं। वह इंग्लैंड दौरे पर दो महीने तक बेंच पर बैठे, लेकिन उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल कौशल निखारने के लिए किया। 
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गेंदबाजी ऑलराउंडर बनकर चीजों को जटिल नहीं करना चाहते कुलदीप
कुलदीप ने स्पष्ट किया कि वह खुद को एक गेंदबाजी ऑलराउंडर में बदलने की कोशिश करके चीजों को जटिल नहीं करना चाहते। उन्होंने दोबारा मौके मिलने से पहले अपने कौशल पर काम करना, अपनी फिटनेस में सुधार करना और अपनी गेंदबाजी के समय को बढ़ाना पसंद किया। इसका फायदा यह हुआ कि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर को एशिया कप के शुरुआती दो मैच में लगातार दो बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। 

कुलदीप ने ओमान के खिलाफ मैच से पहले कहा, 'अगर मैं किसी भी टीम में खेलूंगा तो एक विशेषज्ञ गेंदबाज के रूप में खेलूंगा। मेरा काम विकेट लेना है। अगर मैं विकेट नहीं लूंगा तो मेरे लिए कोई जगह नहीं होगी। यह समझना बहुत जरूरी है कि जब आप सिर्फ गेंदबाज के रूप में खेलते हैं तो आपका काम टीम के लिए विकेट लेना होता है।' क्या मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओर से कोई स्पष्ट संदेश था? यह पूछे जाने पर कुलदीप ने कहा, स्पष्ट संदेश था। कभी-कभी तीन-चार मैचों में मुझे लगा कि मैं खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्य से मैं नहीं खेल पाया।
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कुलदीप बोले- नहीं लगता पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर पा रहा हूं
कुलदीप के ब्रिटेन में बिताए दो महीने नए कौशल सीखने और कुछ नए गुर सीखने में बीते। कुलदीप अपनी गेंदबाजी के भी आलोचक हैं और उन्हें नहीं लगता कि वह अब भी अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर पा रहे हैं, भले ही उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि मैं उतनी अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं लेकिन मुझे लगता है कि मैं सुधार कर सकता हूं और बेहतर बन सकता हूं। कभी-कभी इस प्रारूप में आप बल्लेबाज को समझने में गलती कर देते हैं। जब आप किसी टीम पर दबदबा बनाते हैं और छोटी-छोटी गलतियां करते हैं तो आप उन पर ध्यान नहीं देते। लेकिन आपको लगता है कि आपने गलती की है। मुझे अब भी इस पर काम करना है। मुझे लगता है कि मुझे गेंदबाजी में और मेहनत करने की ज़रूरत है क्योंकि और भी प्रारूप हैं।
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