सार
कुलदीप यादव के दूसरे टेस्ट से बाहर होने पर बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया कि वह वायरल फीवर से जूझ रहे थे और उनकी बीमारी को लेकर कोई बहाना नहीं बनाया गया। कोटक ने बताया कि कुलदीप अब तेजी से ठीक हो रहे हैं, जबकि उनकी गैरमौजूदगी और श्रीलंका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए सारांश जैन को मौका दिया गया।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किए जाने को लेकर भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्थिति स्पष्ट की है। कोटक ने कहा कि कुलदीप गॉल टेस्ट के बाद वास्तव में वायरल फीवर से जूझ रहे थे और उन्हें टीम से बाहर रखने के लिए बीमारी का बहाना बनाने की कोई जरूरत नहीं है। कोटक का यह बयान गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले के उस बयान से अलग नजर आया, जिसमें उन्होंने कुलदीप के लगातार दो दिन नेट्स में नहीं आने की वजह यात्रा की थकान बताई थी।
सितांशु कोटक
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गॉल से ही वायरल फीवर था
दूसरे टेस्ट के पहले दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने कहा कि कुलदीप जब गॉल से रवाना हुए थे, तब उन्हें वास्तव में वायरल फीवर था। उन्होंने कहा, 'जब वह गॉल से निकले थे, तब उन्हें वास्तव में वायरल फीवर था। अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है और खेलने की स्थिति में नहीं है, तो यह सोचने का कोई मतलब नहीं कि वह खेलता तो क्या होता।' कोटक ने यह भी कहा कि अगर टीम को किसी स्पिनर की जरूरत होती और कुलदीप फिट होते, तो उन्हें बाहर रखने के लिए बीमारी का बहाना बनाने की कोई वजह नहीं थी।
कुलदीप यादव
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कुलदीप की हालत में सुधार
भारतीय बल्लेबाजी कोच ने बताया कि कुलदीप अब बीमारी से काफी हद तक उबर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शाम को जब वह कुलदीप से मिले तो वह बेहतर नजर आ रहे थे, लेकिन सुबह मैच के समय वह चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या को देखते हुए भारत ने कुलदीप की गैरमौजूदगी में ऑफ स्पिनर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया। कोटक के मुताबिक, 'चार बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ ऑफ स्पिनर को खिलाना समझदारी भरा फैसला लगा।'
ऋषभ पंत
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पंत दूसरे दिन बल्लेबाजी कर सकते हैं
मैच के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के चोटिल होने पर भी कोटक ने अपडेट दिया। तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पंत के फोरआर्म पर लगी, जिसके बाद उन्हें तीन रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। कोटक ने कहा कि पंत की स्थिति ठीक है और उम्मीद है कि वह दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरेंगे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि वह कल खेल जारी रखने के लिए ठीक रहेंगे।'
देवदत्त पडिक्कल
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पडिक्कल ने फिर जड़ा शतक
वहीं, देवदत्त पडिक्कल के प्रदर्शन की कोटक ने जमकर तारीफ की। पडिक्कल ने इस सीरीज में लगातार दूसरा शतक लगाते हुए 168 गेंदों पर 117 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट पर 300 रन बना लिए। कोटक ने कहा कि पडिक्कल ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया है। उन्होंने बल्लेबाज के इरादे, धैर्य और रन बनाने की गति की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल पिछले करीब डेढ़ से दो साल से अपने मौके का इंतजार कर रहे थे और उनकी तैयारी का परिणाम अब मैदान पर दिखाई दे रहा है।
क्या नंबर-3 पर पडिक्कल ने पक्की जगह बना ली?
पडिक्कल के लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद जब कोटक से पूछा गया कि क्या उन्होंने नंबर-3 की जगह पक्की कर ली है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कोटक ने कहा कि पडिक्कल इस नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और आगे भी इसी क्रम पर खेल सकते हैं। हालांकि, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात बल्लेबाजी क्रम नहीं बल्कि रन बनाना है।
देवदत्त पडिक्कल और शुभमन गिल
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300/5 से कोटक पूरी तरह खुश नहीं
भारत ने पहले दिन 300 रन बनाए, लेकिन पांच विकेट गंवाने पर कोटक ने थोड़ी निराशा भी जताई। उनका मानना है कि भारत की स्थिति और बेहतर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि तीन बल्लेबाज अच्छी शुरुआत के बाद 50, 45 और 43 रन बनाकर आउट हुए। अगर इनमें से कोई एक बल्लेबाज भी अपनी पारी को शतक में बदल देता, तो भारत दिन का खेल तीन या अधिकतम चार विकेट के नुकसान पर खत्म कर सकता था। अब भारतीय टीम की नजरें ऑलराउंडर्स और निचले क्रम के बल्लेबाजों से अहम योगदान पर होंगी। कोटक का मानना है कि अगर भारत दूसरे दिन के पहले सत्र में अच्छी बल्लेबाजी करता है, तो टीम एक मजबूत स्कोर तक पहुंच सकती है।