हैदराबाद रवानगी से पूर्व कानपुर के रोवर्स मैदान पर कुलदीप यादव के सामने उनकी अकादमी के साथी थे। कोच कपिल पांडे ने कुलदीप से जूनियर क्रिकेटरों के लिए दो शब्द बोलने को कहा। कुलदीप के मुंह से यही निकला कठिन परिस्थितियों में भी इंसान को अपने पर भरोसा करना सीखना चाहिए।
वाकई कुलदीप से अच्छी तरह इन शब्दों के मायनें और कौन समझ सकता है। इस पूरे घरेलू सत्र में टीम में होने केबावजूद उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला। कोच को लगा कुलदीप अंदर से टूट गए होंगे, लेकिन जूनियर क्रिकेटरों को दिए संदेश ने न सिर्फ कपिल पांडे को गदगद कर दिया बल्कि यह भरोसा भी दिला दिया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला में उनका शिष्य दमदार वापसी करेगा। जी हां, कोच को उम्मीद है वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके शिष्य को न सिर्फ खेलने का मौका मिलेगा बल्कि चमत्कारिक प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा।
कपिल ने
अमर उजाला से खुलासा किया कि उन्होंने कुलदीप से जाते वक्त यही कहा कि क्रिकेट में जो कल होता है उसे अक्सर लोग भूल जाते हैं, याद रखते हैं तो सिर्फ आज, इस लिए जो कल हुआ उसे भूल जाओ और नई शुरूआत करो। कपिल का मानना है जो होता है अच्छे के लिए होता है, बीते दिनों जो हुआ उससे कुलदीप मानसिक रूप से मजबूत हुए हैं। फिर जो संदेश आज उन्होंने हैदराबाद जाने से पहले जूनियर क्रिकेटरों को दिया उससे उन्हें लग गया कि अब वह काफी परिपक्व हो गया है। यही कारण है कि उन्हें लगता है कुलदीप का प्रदर्शन किसी तरह प्रभावित नहीं होगा। कपिल के मुताबिक कुलदीप कोई भी मैच दिल से खेलता है। जो दिल से खेलेगा तो उसे नहीं खेलने पर तकलीफ तो होगी ही, लेकिन उनका शिष्य लड़ाकू है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ देखने को मिलेंगे नए प्रयोग
बीते चार दिनों से कुलदीप कानपुर में कोच के साथ रोवर्स मैदान पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। प्रैक्टिस का सिलसिला दिन और रात दोनों समय चला। कपिल के मुताबिक हाल ही में इस मैदान पर कुलदीप के लिए फ्लड लाइट लगाई गई है। वेस्टइंडीज के लिए उन्होंने खास तैयारी की है। कुलदीप की गेंदबाजी स्पीड अमूमन 70 से 75 मील प्रति घंटा की रहती है, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाज जिस तरह स्लॉग स्वीप लगाते हैं उसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुलदीप से गेंद में तेजी लाने को कहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप की कम फ्लाइट की गेंदें 80 से 90 की स्पीड के बीच देखने को मिल सकती हैं। कुलदीप ने स्पीड के साथ गेंद को टर्न कराने पर ध्यान दिया है।
रोहित शर्मा काब रखा उदाहरण
कपिल ने कुलदीप की मानसिक मजबूती के लिए उनके समक्ष रोहित शर्मा का उदाहरण रखा। उन्होंने कुलदीप से का कि रोहित शर्मा ने वन डे क्रिकेट में लगातार जबरदस्त प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें टेस्ट में मौका नहीं मिला। बावजूद इसके उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा, लेकिन जब मौका मिला तो उसे दोनों हाथों से भुनाया। कुलदीप को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने उसके दिमाग में सकारात्मक बातों को घुसाया।