कप्तान कोहली के जज्बे से प्रभावित क्रुणाल ने कहा, ‘मैं विराट से सीखना चाहूंगा कि लगातार अच्छा करने की भूख कैसे बरकरार रखी जाती है। वह कैसे हर प्रारूप में इतना निरंतर प्रदर्शन करते हैं। हर मैच में वह शून्य से शुरू करते हैं फिर काफी रन बनाते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं।’ महेंद्र सिंह धोनी के बारे में उन्होंने बीसीसीआई टीवी से कहा, ‘माही भाई की तरह का फिनिशर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कोई हुआ ही नहीं है, मेरे हिसाब से तो विश्व क्रिकेट में ऐसा कोई नहीं रहा है। उन्होंने लगातार ऐसा कर के दिखाया है। मुझे लगता है उनके पास धैर्य है और परिस्थितियों के मुताबिक खेलने की क्षमता है। मैं माही भाई और विराट (कोहली) से यह दोनों चीज सीखने की कोशिश करूंगा।’
क्रुणाल भारत ए टीम के साथ वेस्टइंडीज के दौरे पर गए हैं जहां उन्होंने अपने ऑलराउंड खेल से प्रभावित किया। वेस्ट इंडीज ए के खिलाफ उन्होंने तीन एकदिवसीय मैचों में सात विकेट झटके जिसमें पारी में पांच विकेट भी शामिल है। उन्होंने बल्लेबाजी का हालांकि ज्यादा मौका नहीं मिला लेकिन सीरीज के चौथे मैच में उन्होंने 45 रन की पारी खेली।
भारतीय टीम के वेस्टइंडीज दौरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज दौरे के शुरू होने का मैं इंतजार कर रहा हूं क्योंकि आगे बहुत क्रिकेट है। मैं मौका मिलने पर गेंद और बल्ले दोनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं।’ बाएं हाथ के ऑलराउंडर ने कहा कि भारतीय टीम के लिए चुने जाने पर भारत ए के लिए खेलने का उनका अनुभव काम आएगा। उन्होंने कहा, ‘भारत ए टीम के साथ दौरे पर जाने से काफी मदद मिलती है। पिछले दो-तीन वर्षों में मैं दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड तीनों जगह खेल चुका हूं और उसका फायदा भी मिलता है क्योंकि जब आप सीनियर टीम के साथ जाते हैं तो यह अनुभव काम आता है।’
क्रुणाल क्रिकेट में अपनी पहचान का श्रेय इंडियन प्रीमियर लीग को देते है। मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, ‘मेरे लिए सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करना था क्योंकि वहां मैं अपनी क्षमता को दिखा पाया। जब आप आईपीएल में खेलते हैं तो अलग तरह का दबाव होता है लेकिन आप जब कप जीतते है तब काफी संतुष्टि मिलती है।’ क्रुणाल ने आईपीएल के पिछले सत्र में 16 मैचों में 12 विकेट लेने के साथ 122 की स्ट्राइक रेट से 183 रन बनाए थे।