कर्नाटक के ऑफ स्पिनर कृष्णप्पा गौतम ने कम स्कोर वाले मैच में गेंद से कमाल कर तीन विकेट चटका भारत बी को भारत सी के खिलाफ बुधवार को यहां 30 रन से जीत दिला वन-डे देवधर ट्रॉफी क्रिकेट के फाइनल में पहुंचाने में अहम रोल निभाया। गौतम ने मैच के 'अमर उजाला' से कहा, 'मैं अपनी ताकत के मुताबिक प्रदर्शन करने में यकीन रखता हूं। मुझे यदि भविष्य में भारत के लिए खेलने का मौका मिला तो अच्छा प्रदर्शन कर मैं उसे भुनाने की पुरजोर कोशिश करूंगा।'
उन्होंने कहा 'मैं मैच में बहुत योजना बना कर खेलने में यकीन नहीं करता। मेरी कोशिश मैच की जरूरत के मुताबिक खुद को ढाल कर प्रदर्शन की होती है। मैं मैदान पर किसी के सामने कुछ साबित करने की कोशिश नहीं करता। मेरी कोशिश बस मैच का रुख अपनी टीम की ओर मोडने की रहती है।'
गौतम ने कहा, 'जब अपनी टीम के लिए बल्लेबाजी के लिए उतरा तो हमारे बहुत विकेट बाकी नहीं थे। ऐसे में मैंने तेजी से रन बनाने के लिए गेंद पर छक्के उड़ाने की कोशिश की। मैं जैसी स्थिति हो उसी के मुताबिक गेंद और बल्ले से टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने की की कोशिश करता हूं। मुझे टीम में जो जिम्मेदारी मिले, मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करता हूं।'
वह कहते हैं, 'बतौर क्रिकेटर टीम में चयन आपके हाथ में नहीं होता। आप मैच में चुने जाने पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते है । मेरी कोशिश इसीलिए बस अच्छा प्रदर्शन करने की ही रहती है। बतौर पेशेवर क्रिकेट आपको हालात के मुताबिक खुद को ढाल कर खेलना आना चाहिए। मेरा दर्शन एकदम साफ जब भी, जहां भी मौका मिले उसे पूरी तरह भुनाया जाए। मैंने खुद को हमेशा गेंदबाज पहले माना है। मैं खुद को ऐसा गेंदबाज मानता हूं जो जरूरत के मुताबिक उपयोगी बल्लेबाजी भी कर लेता है।