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बेंगलूरु टेस्ट में कोहली का आरोप, क्या ऑस्ट्रेलिया ने पूरे मैच में चीटिंग की?

Wed, 08 Mar 2017 12:52 PM IST
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
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बेंगलूरु टेस्ट ना केवल भारतीय टीम के पिछड़ने के बाद आगे निकलकर जीत तक पहुंचने के लिए याद किया जाएगा बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान की एक नापाक हरकत के लिए बदनाम भी रहेगा। उमेश यादव की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए स्टीव स्मिथ बॉल पैड से टकराते ही नॉन-स्ट्राइक छोर पर खड़े पीटर हैंड्सकॉम्ब के पास गए और पूछा कि क्या डीआरएस (डिसिजन रिव्यू सिस्टम) इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हैंड्सकॉम्ब निश्चित नहीं थे और उन्होंने इस तरह का इशारा किया है कि ड्रेसिंग रूम से पूछ लो।
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जब अंपायर और कोहली भड़क गए

इस मशविरे पर स्मिथ ने तुरंत अमल किया और ड्रेसिंग रूम की तरफ देखकर इशारा किया। इस इशारे में सवाल छिपा था कि डीआरएस लेना चाहिए या नहीं। लेकिन अंपायर नाइजल लॉन्ग ने उन्हें ऐसा करते हुए देख लिया और चिल्लाते हुए दोनों बल्लेबाजों की तरफ बढ़े कि वो ऐसा नहीं कर सकते। साथ ही विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया। आखिरकार स्मिथ खुद को फंसता देख वहां से चले गए।

कोहली ने सुनाई खरी-खोटी

लेकिन मामला थमा नहीं। मैच जीतने के बाद भी कोहली आखिरी कंगारू बल्लेबाज नाथन लियॉन से इस बारे में कुछ कहते नजर आए। और मैच के बाद होने वाले संवाददाता सम्मेलन में भी यह मामला खूब छाया रहा। स्मिथ ने अपनी सफाई में कहा कि वो ब्रेनफेड (दिमाग काम नहीं कर रहा था) में ऐसा कर गए और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। इस बारे में आईसीसी के नियम साफ है जिसके मुताबिक, ''अगर अंपायर को लगता है कि कप्तान या बल्लेबाज को मैदान में मौजूद खिलाड़ियों से अलहदा किसी और से सीधा या परोक्ष संकेत मिला है तो वो प्लेयर रिव्यू की मांग ठुकरा सकते हैं।''

पहले भी की थी गड़बड़?

ड्रेसिंग रूम के बारे में स्पष्ट लिखा है, ''खास तौर से ड्रेसिंग रूम से किसी भी तरह का कोई इशारा नहीं किया जाना चाहिए।'' लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के मु्ताबिक टीम इंडिया को शक है कि ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में से कोई मैदान के खिलाड़ियों को इशारा कर डीआरएस लेने में मदद करता है। कोहली का आरोप है कि जब वो बल्लेबाजी कर रहे थे तो भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ऐसा कुछ करने की कोशिश की थी।

कोहली बैटिंग कर रहे थे, तब भी?

टीम इंडिया के कप्तान ने कहा, ''जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो भी दो बार ऐसा हुआ था। मैंने अंपायर को बताया कि वो लोग इशारों के लिए ड्रेसिंग रूम की तरफ देख रहे हैं और यही वजह है कि अंपायर का ध्यान इस तरफ तुरंत गया।

'' स्मिथ का कहना है, ''गेंद मेरे पैड पर लगी और हैंड्सकॉम्ब की तरफ देखा और उन्होंने कहा कि उस तरफ देखो। उस वक्त दिमाग काम नहीं कर रहा था। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैं अपने साथियों की तरफ देख रहा था।'' लेकिन कोहली ने इस दलील की दरकिनार किया और बताया कि मैच के तीन दिन से यही चल रहा था।

अंपायर ने पकड़ी चोरी

उन्होंने कहा, ''जब वो (स्मिथ) मुड़े तो अंपायर समझ गए के वो लोग क्या करना चाह रहे हैं क्योंकि हम इस बारे में पहले शिकायत कर चुके थे। एक रेखा है जो आप लांघते नहीं है क्योंकि स्लेजिंग अलग चीज है। मैं वो शब्द कहना नहीं चाहता लेकिन ये उसी में आता है।

'' जब उनसे पूछा गया कि क्या आप 'चीटिंग' कहना चाहते हैं तो कोहली ने जवाब दिया, ''मैंने ऐसा नहीं कहा। लेकिन आपने कह दिया।'' भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई और स्मिथ की गलती के बाद ट्वीट किया, जिसमें तंज कसा गया था, ''ड्रेसिंग रूम रिव्यू सिस्टम।।।''
 
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BCCI ने भी घेरा

ये मामला सोशल मीडिया पर भी खासी चर्चा में रहा। लोगों का कहना है कि कंगारू टीम ने 'डिसिजन रिव्यू सिस्टम' को 'ड्रेसिंग रूम रिव्यू सिस्टम' बना दिया है। भड़का हुआ इंजीनियर हैंडल से लिखा गया है, ''भारत ने मैच जीता लेकिन मैन ऑफ द मैच स्टीव स्मिथ को मिलना चाहिए जिन्होंने ड्रेसिंग रूम रिव्यू सिस्टम इजाद किया।''

और सोशल मीडिया पर चुहलबाजी


डेव ने एक वाजिब मांग की। उन्होंने कहा, ''रिव्यू सिस्टम के तहत ड्रेसिंग रूम में एक कैमरा लगाया जाना चाहिए ताकि बाहर बैठे टीम के सदस्य खेल रहे खिलाड़ियों को कोई इशारा ना दे।''
ये कैमरा लगेगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन ये जरूर तय है कि डीआरएस लेने के वक्त अब अंपायर खिलाड़ियों के इशारे पर जरूर नजर रखेंगे।

 
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