भारतीय क्रिकेटर कप्तान विराट कोहली खुद को सबसे बेहतर मानते है। साथ ही उनका सपना हमेशा से सबसे बेहतर बनने का रहा है। उनका कहना है कि वह खेल के तीनों प्रारूपों को अच्छे से खेलना जानते है। विराट कोहली ने यह बात बीसीसीआई अवार्ड् नाइट में कही। आवॉर्ड नाइट में कोहली को पोली उमरीगर आवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। आवार्ड शो में कोहली ने कहा कि वह महेशा से दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनना चाहते है।
उनका कहना है कि उन्हें अपने विरोधियों से चुनौती मिलती रहती है, मगर उन्हें अपनी क्षमता पर पूरा विश्वास रहा है। इसलिए उन्हें अपनी योग्यता पर कोई संदेह नहीं है। उन्होने कहा कि संदेह और शत्रु हमेशा से मेरे साथ चलते रहे है। मगर मुझे खुद पर पूरा विश्वास रहा है। कोहली का मानना है कि वह अपनी प्रदार्शन का 120 प्रतिशत देते है। इसलिए उनके प्रदार्शन को लेकर कोई सवाल नहीं कर सकता है। उन्होनें कहा कि मैं निश्चित रूप से दुनिया का सबसे बेहतर खिलाड़ी बनना चाहता था।
इसलिए मेरा माना है कि खेल के तीनों प्रारूप में प्रदार्शन करना बहुत जरूरी है और क्या करने की जरूरत है मुझे ये भी पता है। उनका कहना है कि मेरे कैरियर में कई लोग ऐसे थे जिन्हे मेरे खेल पर संदेह था। अब भी कुछ लोगों को मुझसे संदेह और नफरत रहती है। मगर मुझे अपनी काबिलियत पर पूरा याकिन है। आपको बता दे कि कोहली को साल 2015-16 में अच्छा प्रदर्शन करने पर सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिए पोली उमरीगर आवॉर्ड दिया गया। कोहली को यह पुरस्कार तीन बार मिल चुका है। यह पुरस्कार तीन बार पाने वाले पहले खिलाड़ी हैं।