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Kohli-Ganguly Controversy: गावस्कर बोले- कोहली वाले मामले पर गांगुली खुलकर सामने आएं, उन्हीं के पास सारे जवाब मौजूद

Thu, 16 Dec 2021 05:28 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

गावस्कर ने कहा कि बीसीसीआई को आगे से इससे सीख लेनी चाहिए और अपने संचार सुविधा को दुरुस्त रखना चाहिए। इससे खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच अच्छे संबंध बने रहते हैं।
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सौरव गांगुली और विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विराट कोहली और सुनील गावस्कर वाले मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कोहली द्वारा बुधवार को दिए गए बयान पर बीसीसीआई को जवाब देना चाहिए। इस मामले पर गांगुली को भी खुलकर सामने आना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कोहली और बीसीसीआई अध्यक्ष के बयानों में फर्क कैसे है।
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कोहली ने टी-20 की कप्तानी को लेकर क्या कहा
कोहली के टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद गांगुली ने बयान दिया था कि बीसीसीआई ने सुपरस्टार बल्लेबाज से इस फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। हालांकि, कोहली ने बुधवार को बताया कि उन्हें किसी ने कप्तानी छोड़ने से रोकने का प्रयास नहीं किया था और बीसीसीआई ने खुशी-खुशी उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।

गांगुली से पूछा जाना चाहिए सवाल
गावस्कर ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि कोहली का बयान पूरे बीसीसीआई को कठघरे में खड़ा नहीं कर रहा है। उन्होंने सौरव गांगुली  का नाम लिए बिना कहा कि मुझे लगता है कि इस मामले पर सिर्फ एक इंसान से सवाल पूछा जाना चाहिए। उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि कोहली को मैसेज कब दिया। यह इकलौती चीज है।
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जवाब देने के लिए गांगुली बेस्ट ऑप्शन
गावस्कर ने कहा- गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं और निश्चित तौर पर सवाल उनसे ही पूछा जाएगा। मुझे लगता है जवाब देने के लिए वही सबसे अच्छे इंसान हैं। भारतीय कप्तान के बयानों का वह अच्छी तरह से खंडन कर सकेंगे। कोहली के बयानों ने बुधवार को उनके और बीसीसीआई के बीच के विवाद को जगजाहिर किया था।

गावस्कर का बीसीसीआई को समर्थन
कोहली ने कहा था कि उन्हें वनडे की कप्तानी से हटाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए टीम चुने जाने से डेढ़ घंटे पहले मुझे इसके बारे में जानकारी दी गई और वह भी एक नॉर्मल कॉल पर। गावस्कर ने कहा कि उन्हें इस तरह से जानकारी देने में कोई बुराई नहीं नजर आई।

चयनकर्ताओं ने कुछ गलत नहीं किया
गावस्कर ने कहा- यहां विवाद क्या है? अगर मुख्य चयनकर्ता आपको फोन कर बता रहा है कि आपको हम वनडे कप्तान नहीं रखना चाहते, तो इसमें खराबी क्या है। सब ठीक है। चयनकर्ताओं को ही चयन करने की छूट होती है। कप्तान को बस जानकारी देने के तौर पर शामिल किया जाता है।

बीसीसीआई को इस मामले से सीख लेनी चाहिए
गावस्कर ने कहा कि बीसीसीआई को आगे से इससे सीख लेनी चाहिए और अपने संचार सुविधा को दुरुस्त रखना चाहिए। इससे खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच अच्छे संबंध बने रहते हैं। पहले जो हो चुका, वो हो चुका। अब चयनकर्ता को सामने आकर बताना खिलाड़ियों को बताना चाहिए कि उन्हें क्यों चुना गया या क्यों नहीं चुना गया। एक प्रीस रिलीज भी चीजों को सुलझा सकता है।
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