ग्रुप स्टेज के मुकाबलों के बाद शीर्ष चार टीमें अगले दौर यानी प्लेऑफ में पहुंचती हैं। यह फाइनल मुकाबले से पहले का दौर होता है, जहां तीन स्टेज पर मुकाबले होते हैं। क्वालीफायर 1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर 2।
यहां अंक तालिका की शीर्ष दो टीमों के बीच मुकाबला होता है। इसमें जीतने वाली टीम सीधा फाइनल में पहुंचती है।
यहां तीसरे और चौथे स्थान की टीम के बीच मुकाबला होता है। इनमें से जो भी टीम जीतती है वो क्वालीफायर 2 में पहुंचती है।
यहां पर क्वालीफायर 1 में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम के बीच मुकाबला होता है। इसमें जीतने वाली टीम फिर फाइनल में पहुंचती है।
सेमीफाइनल वाले फॉर्मेट में फाइनल से पहले सिर्फ दो मुकाबले खेले जाते थे। इसमें अंक तालिका की पहले स्थान की टीम चौथे और दूसरे स्थान की टीम तीसरे स्थान की टीम से भिड़ती थी। दोनों मुकाबलों से जीतने वाली टीम फाइनल खेलती थी।
प्लेऑफ से अंक तालिका में शीर्ष में रहने वाली दोनों टीमों को बड़ा फायदा होता है। यहां दोनों टीमें क्वालीफायर 1 खेलती हैं। इसमें जीतने वाली टीम जहां फाइनल में पहुंचती है वहीं हारने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलता है।
किसी टूर्नामेंट में प्लेऑफ फॉर्मेट का इस्तेमाल फुटबॉल में सबसे पहले शुरू हुआ था। इसे इंग्लैंड और यूरोपीय देशों में अपनाया गया था, बाद में चर्चित होने के साथ ही ये प्रचलन में आ गया।
जब पहली बार आईपीएल में प्लेऑफ को लागू किया गया तब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स शीर्ष दो स्थानों पर काबिज थी। वहीं मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइटराइडर्स क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर थीं। ऐसे में चेन्नई ने पहले क्वालीफायर में बैंगलोर को हराया और एलिमिनेटर में मुंबई ने कोलकाता को हराया। इसके बाद दूसरे क्वालीफायर में बैंगलोर ने मुंबई पर जीत हासिल की और बाद में फाइनल में चेन्नई ने आरसीबी को हराकर ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाया।
ग्रुप स्टेज में मुंबई इंडियंस पहले स्थान पर रही वहीं दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रही। ऐसी स्थिति में अब मुंबई और दिल्ली क्वालीफायर 1 में आपस में भिड़ेंगी तो वहीं एलिमिनेटर राउंड में आरसीबी और एसआरएच आमने-सामने होंगी।