पिछले कुछ समय से भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट में विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे लोकेश राहुल ने कहा कि विकेटों के पीछे दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी की जगह लेने का बहुत अधिक दबाव रहता है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कारण यही है कि फैंस आपसे काफी उम्मीदें लगाए रहते हैं।
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केएल राहुल
- फोटो : सोशल मीडिया
धोनी पिछले साल इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद से ब्लू जर्सी में नजर नहीं आए हैं। उन्होंने 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। राहुल ने इस साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में विकेटकीपर की भूमिका निभाई और न्यूजीलैंड दौरे के दौरान भी उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली।
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केएल राहुल और एमएस धोनी
- फोटो : ट्विटर
राहुल ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ‘जब मैं भारत की तरफ से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभा रहा था तो नर्वस था क्योंकि दर्शकों के कारण आप पर दबाव रहता है। अगर आप चूक जाते हैं तो लोग सोचते हैं कि आप महेंद्र सिंह धोनी की जगह नहीं ले सकते।’
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एमएस धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
28 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज ने कहा, ‘धोनी जैसे दिग्गज विकेटकीपर की जगह लेने का दबाव बहुत अधिक था, क्योंकि विकेटकीपर के रूप में किसी को स्वीकार करने पर लोगों के दिमाग में यह बात जरूर आती है।’
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अब तक 36 टेस्ट, 32 वनडे और 42 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके राहुल ने कहा कि विकेटकीपिंग उनके लिए नया काम नहीं है, क्योंकि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान और अपनी रणजी टीम कर्नाटक की तरफ से पहले भी यह भूमिका निभा चुके हैं।
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उन्होंने कहा, ‘जो लोग क्रिकेट पर नजर रखते हैं वे जानते हैं कि मैं लंबे समय तक विकेटकीपिंग से दूर नहीं रहा क्योंकि मैंने आईपीएल और जब भी कर्नाटक की तरफ से खेला तब विकेट के पीछे भी जिम्मेदारी संभाली।’
राहुल ने कहा, ‘मैं हमेशा विकेटकीपिंग के संपर्क में रहता हूं लेकिन मैं ऐसा इंसान भी हूं जो टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी तरह की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहता हूं।’ कोरोना वायरस के चलते IPL के आयोजन पर तो संकट मंडरा ही रही है, पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।