सूर्यकुमार ने की मुंबई की कप्तानी
मुंबई के नियमित कप्तान रोहित शर्मा के पेट में समस्या थी। ऐसे में सूर्या ने टीम की कमान संभाली और टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल अर्जुन तेंदुलकर ने गेंदबाजी की शुरुआत की, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने दो ओवर में 17 रन खर्च किए। इसके बाद उन्हें गेंदबाजी का मौका नहीं मिला। कोलकाता की शुरुआत कुछ खास नहीं थी। नरायण जगदीसन खाता खोले बिना कैमरून ग्रीन का शिकार बन गए।
वेंकटेश की शानदार पारी
11 रन के स्कोर पर कोलकाता का पहला विकेट गिरा और वेंकटेश बल्लेबाजी के लिए आए। उन्होंने क्रीज पर आते ही बड़े शॉट खेलने शुरू कर दिए। हालांकि, ग्रीन की गेंद को स्कूप करने के प्रयास में वेंकटेश अय्यर सफल नहीं हो पाए और उनके घुटने में चोट लग गई। इसके बाद फिजियो ने मैदान पर आकर उन्हें दर्द निवारक दवाई दी और इसके बाद वेंकटेश ने जमकर चौके-छक्के लगाए। अय्यर केकेआर के लिए अपना तीसरा सत्र खेल रहे हैं। केकेआर के लिए सिर्फ अय्यर ही शानदार पारी खेल पाए, जबकि अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया।
राणा और शौकीन के बीच हुई बहस
केकेआर के नितीश राणा और मुंबई इंडियंस के ऋतिक शौकीन की प्रतिद्वंद्विता मैच के दौरान देखने को मिली। यह घटना केकेआर की पारी के नौवें ओवर में हुई जब शौकीन ने राणा को आउट करने के बाद उनसे कुछ कहा। केकेआर के कप्तान इससे भड़क गए और उन्होंने भी वापस लौटते हुए गेंदबाज से कुछ कहा। मुंबई के कार्यवाहक कप्तान सूर्यकुमार और टीम के सीनियर खिलाड़ी पीयूष चावला ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत किया। राणा और शौकीन दोनों घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की ओर से खेलते हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम में भी इन दोनों के बीच कोई बात नहीं होती। इससे पहले भी दोनों के बीच बहस हो चुकी हैं।
कोलकाता का मध्यक्रम फेल
अय्यर छोटी-छोटी साझेदारियों से टीम को अच्छे स्कोर तक ले गए। उन्होंने नारायण जगदीशन के शून्य के स्कोर पर आउट होने के बाद रहमनुल्लाह गुरबाज के साथ दूसरे विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी की। गुरबाज आठ रन बनाकर आउट हुए। कप्तान नितीश राणा (05) जल्दी पवेलियन लौट गए। लेकिन अय्यर एक छोर पर खड़े होकर अपनी पारी को बढ़ाते रहे और छोटी-छोटी साझेदारियों से टीम को अच्छे स्कोर तक ले गए। उन्होंने शार्दुल ठाकुर के साथ चौथे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी की। फिर उन्होंने रिंकू सिंह के साथ पांचवें विकेट के लिए 36 रन की उपयोगी साझेदारी की। इसके बाद वह 51 गेंद में 104 रन बनाकर आउट हो गए। अय्यर केकेआर की ओर से शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले ब्रेंडन मैकुलम ने शतक लगाया था। उनसे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने सीजन का सबसे तेज शतक लगाया था। उन्होंने केकेआर के खिलाफ 55 गेंदों में 100 रन बनाए थे। वेंकटेश ने उन्हें भी पीछे छोड़ा।
रिंकू सिंह भी इस मैच में कुछ खास नहीं कर सके और 18 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हुए। अंत में आंद्रे रसेल ने 11 गेंद में 21 रन बनाकर टीम का स्कोर 185 रन तक पहुंचाया। मुंबई के लिए ऋतिक शौकीन ने दो विकेट लिए। अर्जुन को छोड़ मुंबई अन्य सभी गेंदबाजों को एक-एक विकेट मिला।
मुंबई की तूफानी शुरुआत
रोहित शर्मा इस मैच में इंपैक्ट प्लेयर के रूप में आए और ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत की। दोनों ने पहले ओवर में सिर्फ दो रन बनाए, लेकिन दूसरे ओवर में ईशान किशन ने हाथ खोले और दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए। रोहित पांचवें ओवर की आखिरी गेंद में सुयश शर्मा का शिकार बने। वह 13 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक मुंबई का स्कोर 65 रन हो चुका था। पावरप्ले में इस टीम ने एक विकेट खोकर 72 रन बनाए और मैच में काफी आगे निकल गई।
रोहित के आउट होने के बाद ईशान किशन भी 25 गेंद में 58 रन बनाकर आउट हो गए। इस समय मुंबई का स्कोर 87 रन था। इसके बाद तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर मुंबई की राह आसान कर दी। तिलक 25 गेंद में 30 और सूर्यकुमार 25 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, सूर्या आउट होने से पहले मुंबई का स्कोर 176 रन तक पहुंचा चुके थे और मैच में औपचारिकताएं ही रह गई थीं। इसके बाद नेहल वधेरा भी छह रन बनाकर आउट हो गए। टिम डेविड ने 13 गेंद में 24 रन बनाकर मैच खत्म किया।
सुयश शर्मा की अच्छी गेंदबाजी
कोलकाता के लिए सिर्फ सुयश शर्मा ही प्रभाव छोड़ पाए। उन्होंने 27 रन देकर दो विकेट लिए। शार्दुल, चक्रवर्ती और फर्ग्यूसन को भी एक-एक विकेट मिला, लेकिन ये तीनों गेंदबाज दबाव बनाने में नाकाम रहे। लगातार दूसरी जीत के साथ मुंबई की टीम अंक तालिका में बेहतर स्थिति में पहुंच गई है।