क्या है मामला?
लखनऊ और कोलकाता के बीच मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ ने 210 रन बनाए थे। इसके जवाब में कोलकाता की टीम को जीत के लिए आखिरी ओवर में 21 रन की जरूरत थी। मार्कस स्टोइनिस आखिरी ओवर कर रहे थे और रिंकू सिंह ने उनकी शुरुआती चार गेंदों में 18 रन बना दिए थे। अब कोलकाता को जीत के लिए आखिरी दो गेंदों में तीन रन की जरूरत थी। ओवर की पांचवीं गेंद पर रिंकू ने कवर की दिशा में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और एविन लुइस ने शानदार कैच पकड़ कर उन्हें आउट कर दिया। अब कोलकाता को जीत के लिए आखिरी गेंद में तीन रन की जरूरत थी, लेकिन स्टोइनिस ने नए बल्लेबाज उमेश यादव को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके साथ ही लखनऊ ने मैच दो रन से जीत लिया।
अब कई फैंस का कहना है कि जिस गेंद पर रिंकू आउट हुए थे। वह नो गेंद थी। इस गेंद के फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें मामला काफी करीबी दिख रहा है। इस बीच एक यूजर ने यह भी लिखा कि अगर ऐसा है तो यह बहुत बड़ी चूक है। इस नो बॉल से मैच का नतीजा और प्लेऑफ का समीकरण पलट सकता था। हर विकेट के बाद अंपायरों को नो गेंद चेक करनी चाहिए।
क्या है नियम?
नियम के अनुसार तीसरा अंपायर हर गेंद के बाद रीप्ले में नो गेंद के जांच करता है और नो गेंद होने पर मैदान अंपायर को इसकी सूचना देता है। इस स्थिति में मैदान में सायरन भी बजने लगता है और बल्लेबाज को फ्री हिट दी जाती है, लेकिन इस गेंद को तीसरे अंपायर ने नो गेंद नहीं दिया था। इसी वजह से रिंकू सिंह आउट करार दिए गए।
क्या था उस विकेट का महत्व?
20वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट होने से पहले रिंकू ने 14 गेंद में 40 रन बनाए थे। अगर वो उस गेंद पर आउट नहीं होते और वह नो गेंद होती तो कोलकाता दो गेंद रहते ही मैच जीत जाती। इस स्थिति में कोलकाता के पास 14 अंक हो जाते और यह टीम प्लेऑफ की दौड़ में बनी रहती। साथ ही लखनऊ के पास 16 अंक रहते और फिलहाल प्लेऑफ में इस टीम की जगह पक्की नहीं होती। प्लेऑफ खेलने वाली टीमों के समीकरण पूरी तरह अलग रह सकते थे।