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हैदराबाद के हाथों हारे तो क्या पंजाब ने IPL में किया श्रेष्ठ प्रदर्शन

Tue, 28 Apr 2015 05:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने किंग्स इलेवन पंजाब को 20 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी आठवीं जीत हासिल कर ली लेकिन पंजाब को एक और हार का सामना करना पड़ा।
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टूर्नामेंट के अब तक के सफर में इन दोनों टीमों को सबसे फिसड्डी माना जा रहा था जिसमें हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन कर फिसड्डी टीम का तमगा जरूर हटा लिया। इस जीत से हैदराबाद शीर्ष 5 टीम में शामिल हो गई। इस हार के बावजूद पंजाब की टीम ने आईपीएल इतिहास में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया।

पंजाब के इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन की बात से पहले बात करते हैं टीम के ही सलामी बल्लेबाज मुरली विजय की। मुरली वैसे तो पूर्ण रूप से बल्लेबाज हैं लेकिन कभी-कभार वह गेंदबाजी भी करते हैं, अगर वह किसी मैच में गेंदबाजी करते हैं तो एक-दो ओवर से ज्यादा नहीं करते। लेकिन अपनी छवि के विपरीत उन्होंने इस मैच में 3 ओवर डाले और महज 16 रन ही दिए। मैच में हैदराबाद की ओर से किसी भी गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ इकोनॉमी प्रदर्शन भी था।
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बताते चले, उन्होंने इस मैच से पहले उन्होंने आईपीएल में 81 मैच खेले हैं और सिर्फ एक ओवर ही डाले। लेकिन अपने 82वें मैच में उन्होंने 3 ओवर डाले और सिर्फ 16 रन ही खर्च किए।

वहीं इस मैच में पंजाब के तेज गेंदबाज संदीप शर्मा एकमात्र मेडन ओवर डाला। टूर्नामेंट के 27 मैच तक कुल 12 मेडन ओवर डाले गए हैं जिसमें 4 तो अकेले संदीप ने ही डाले। उनके अलावा और कोई ऐसा गेंदबाज नहीं है जिसने 2 से ज्यादा मेडन डाले हों।
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आईपीएल इतिहास में किंग्स इलेवन पंजाब का श्रेष्ठ प्रदर्शन

अब बात करते हैं किंग्स इलेवन पंजाब के उस रिकॉर्ड की जो शुरुआत में हो रही थी। पंजाब के गेंदबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और 10 ओवर के अंदर ही 3 विकेट झटक लिए। पंजाब के गेंदबाज बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे थे और लग रहा था कि हैदराबाद 150 के पार नहीं पहुंच पाएंगे लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने डेढ़ सौ रन तक पहुंचा ही दिया।

पंजाब के गेंदबाजों ने इस मैच में बेहद अनुशासित गेंदबाजी की। वो इस कदर अनुशासित रहे कि टूर्नामेंट के पिछले 7 संस्करणों में भी ऐसी गेंदबाजी नहीं की थी। गेंदबाजों ने पूरे 20 ओवर में एक भी वाइड या नो बॉल नहीं डाली, यानी की एक भी रन अतिरिक्त के रूप में नहीं खर्च किए। सिर्फ एक रन अतिरिक्त के रूप में हैदराबाद को मिला और वह भी लेग बाई के रूप में। आईपीएल इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब पंजाब के गेंदबाजों ने किसी मैच में एक भी रन अतिरिक्त के रूप में नहीं दिए।

दूसरी ओर, अपने गेंदबाजों की बदौलत मैच जीतने वाली हैदराबाद टीम की ओर से 20 ओवर में 5 वाइड डाले गए। 5 वाइड के अलावा 2 रन लेग बाई के रूप में मिले।

एक बार फिर बात मुरली विजय की। पंजाब जब 151 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी तो ओपनर मुरली से उम्मीद थी ‌कि वह एक ठोस पारी खेलेंगे, लेकिन 12 रन बनाकर वह दो रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए। आईपीएल में 11 बार रन आउट हुए। अब वह सबसे ज्यादा रन बार रन आउट होने वाले बल्लेबालों की कतार में शामिल हो गए हैं। इस संयुक्‍त कतार में गौतम गंभीर और वेरणुगोपाल राव भी शामिल है जो 11-11 बार रन आउट हो चुके हैं।
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