आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब फ्रैंचाइजी ने इंदौर जिला प्रशासन-पुलिस के सामने एक अहम प्रस्ताव रखा है। पिछले सीजन में हुए प्रोफिट को देखते हुए फ्रैंचाइजी ने जिला प्रशासन से बात करके इंदौर को ही अपना होम ग्राउंड बनाने की इच्छा जाहिर की है। फ्रैंचाइजी के अधिकारियों ने यहां के कलेक्टर से बातचीत में कहा कि वे चाहते हैं कि उनके तीन या चार नहीं बल्कि सभी मैच यहीं हों।
फ्रैंचाइजी के इस प्रस्ताव का प्रशासन ने भी स्वागत किया है। हालांकि इस मामले पर अंतिम फैसला बीसीसीआई की आईपीएल गवर्निंग बॉडी ही लेगी। गौरतलब है कि पिछले साल भी फ्रैंचाइजी ने अपने सभी मैच इंदौर में ही करवाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बीसीसीआई ने इस पर अपनी मंजूरी नहीं दी थी।
फ्रैंचाइजी और प्रशासन के बीच हुए समझौते में तय हुआ कि अब वह पुलिस को प्रति मैच नौ लाख रुपए देने की बजाय जयपुर की तर्ज पर 15 लाख रुपए प्रति मैच के हिसाब से भुगतान करेगी। इस पर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बैठक में ही साफ कर दिया कि मजिस्ट्रेट, प्रशासन को किसी तरह की राशि देने की जरूरत नहीं है, वह कानून-व्यवस्था के हिसाब से ही अपनी ड्यूटी करते हैं, लेकिन इंदौर से आर्थिक लाभ लेने पर आपको यहां सामाजिक दायित्व निभाना चाहिए।
इस संबंध में फ्रैंचाइजी ने हर आईपीएल सत्र में 25 लाख रुपए यहां सीएसआर एक्टिविटी के तहत खर्च करने पर अपनी सहमति भी दी। इंदौर हाईकोर्ट में आईपीएल टिकट को लेकर लगी एक याचिका पर फ्रैंचाइजी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट विचार कर रहा है कि इस याचिका के खिलाफ एक याचिका चंडीगढ़ में लगाई जाए।
कलेक्टर ने इस मामले में फ्रेंचाइजी से कहा कि यह उनका निजी मामला है कि वह क्या करते हैं, लेकिन सभी चाहते हैं कि इंदौर में आईपीएल मैच जारी रहें और यह भी चाहेंगे कि टीम की ऑनर प्रीति जिंटा व अन्य केवल मैच के दौरान ही इंदौर में नहीं आएं, अन्य समय भी आएं और यहां के कामों में सहभागिता रखें, जिससे इंदौर भी टीम को अपना मानकर स्वागत करे। फ्रेंचाइजी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वह इस संबंध में टीम के ऑनर्स से बात करेंगे।