दिल्ली सरकार शुक्रवार से 'खेलो दिल्ली-दिल्ली खेल महाकुंभ' का आयोजन करने जा रही है। इस महीने भर चलने वाले खेल महोत्सव में 30,000 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिताएं राजधानी के 17 स्टेडियमों में आयोजित की जाएंगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आयोजन से पहले 50 से अधिक खेल प्रभावशाली व्यक्तियों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, फिटनेस कोचों और मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और युवाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना है।
छत्रसाल स्टेडियम में होगा उद्घाटन
पहले चरण में फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी सहित सात प्रमुख खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मुकाबले छत्रसाल स्टेडियम सहित बवाना, नजफगढ़, विकासपुरी और दक्षिणी दिल्ली के अन्य प्रमुख स्टेडियमों में होंगे। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को छत्रसाल स्टेडियम में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल होंगी। उद्घाटन समारोह में पैरा-एथलीट्स के नेतृत्व में मार्च-पास्ट का आयोजन भी किया जाएगा। मंत्री सूद ने बताया कि अब तक 16,000 से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं और यह प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य इस आयोजन के दौरान 30,000 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ना है। आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर एक लाख से अधिक जमीनी स्तर के खिलाड़ियों तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा और उनकी सुरक्षा व समावेशन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन विकसित करने और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
धवन बने ब्रांड एंबेसडर
इस आयोजन के माध्यम से शहर की खेल अधोसंरचना का आकलन भी किया जाएगा और आवश्यक सुधारों की पहचान की जाएगी। सरकार चरणबद्ध तरीके से खेल सुविधाओं के उन्नयन की योजना बना रही है। क्रिकेटर शिखर धवन को इस आयोजन का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल दिल्ली में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजधानी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगी।