क्यों शुरू हुआ विवाद ?
पीटरसन अक्सर भारत से जुड़े मामलों पर हिंदी में ट्वीट करते हैं और यह भारतीयों को काफी पसंद भी आता है। इस बार एक यूजर ने कहा कि भारत में भी सभी लोगों को हिंदी नहीं आती। ऐसे में वो अंग्रेजी में ट्वीट करते तो बेहतर रहता। यहीं से भाषा विवाद शुरू हो गया और कई लोगों ने पीटरसन के समर्थन में ट्वीट किए। वहीं, कुछ लोगों ने उनका विरोध भी किया। हालांकि, पीटरसन ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या है भाषा विवाद ?
भारत के अधिकतर राज्यों में हिंदी को समझा और बोला जाता है, लेकिन कुछ राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल ज्यादा होता है। खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंदी से ज्यादा लोगों को अपनी क्षेत्रीय भाषाएं पसंद हैं। इसी वजह से हिंदी अब तक भारत की राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई है। यहां भी विवाद इसी वजह से शुरू हुआ। भारत के ही कुछ लोगों ने पीटरसन के ट्वीट पर हिंदी की बजाय अंग्रेजी में ट्वीट करने की बात कही और पूरे मामले की शुरुआत हुई।
पीटरसन ने अपने ट्विटर अकाउंट से संदेश देते हुए लिखा, "75वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं, भारत। गर्व करो और लंबा खड़े रहो। आप सभी के लिए एक बेहतर कल का निर्माण कर रहे हैं।" इस पर एक यूजर ने पीटरसन की हिंदी सही करते हुए लिखा "75वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं, भारत । गर्व करो और मजबूती के साथ डटे रहो। आप सभी के लिए एक बेहतर कल का निर्माण कर रहे है!"