घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर सुर्खियां बटोरने वाले करुण नायर के हाथ एक बार फिर निराशा लगी। शनिवार को भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया का एलान किया। इनमें 33 वर्षीय बल्लेबाज को शामिल नहीं किया गया।
अगरकर ने की नायर की तारीफ
इस संबंध में जब अगरकर से सवाल किया गया तो उन्होंने करुण नायर के प्रदर्शन को सराहा, लेकिन कहा कि बल्लेबाज को शीर्ष क्रम में शामिल करना मुश्किल है। अगरकर ने कहा- इस तरह के प्रदर्शन अक्सर नहीं होते। हालांकि, केवल 15 स्थान उपलब्ध होने के कारण हम सभी को शामिल नहीं कर सकते।
नायर ने जड़े पांच शतक
विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा संस्करण में करुण नायर ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सात पारियों में पांच शतकों और एक अर्धशतक की मदद से 752 रन बनाए। सेमीफाइनल में उन्होंने 44 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक पारी खेली टीम को फाइनल में प्रवेश दिलाया।
करुण नायर ने जताई थी टीम चयन की उम्मीद
गुरुवार को टीम चयन से पहले दाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारतीय टीम में चुने जाने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने कहा- भारत के लिए खेलने का सपना हमेशा रहा है। वह सपना अभी भी पल रहा है। हम इसी के लिए खेलते हैं। एकमात्र लक्ष्य देश के लिए खेलना है। जब तक चयन नहीं होता, यह सपना ही है। लेकिन मैं एक समय पर एक ही पारी पर फोकस करना चाहूंगा। मैने कुछ अलग नहीं किया। कोई राज नहीं है। यह बरसों की मेहनत और सब्र का फल है। हर दिन मैं एक नई चुनौती की तरह लेता हूं और कोशिश करता हूं कि अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूं।
एक ऐसा भी समय था जब वह अपने भविष्य को लेकर आशंकित थे क्योंकि घरेलू मैचों और आईपीएल में रन नहीं बन रहे थे। इस बारे में करुण ने कहा- अगर मैं कहूं कि डरा नहीं था तो वह झूठ होगा। हर किसी को ऐसा ही महसूस होता होगा लेकिन मैने कभी नहीं सोचा कि मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मैं इतना ही सोचता था कि यह किस दिशा में जा रहा है, मैं क्या कर रहा हूं, ऐसा क्यो हो रहा है। उस दौर से बाहर आने में समय लगा और फिर मैने खुद से कहा कि नए सिरे से आगाज करना होगा। मैने खुद को कुछ समय दिया और अपने बारे में और अपने खेल के बारे में काफी कुछ सीखा। मैं उन सीखों के लिए शुक्रगुजार हूं, उनके बिना यहां इस स्थिति में नहीं होता।