कर्नाटक हाईकोर्ट ने बंगलूरू भगदड़ मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले में हुई गिरफ्तारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से नौ सवाल पूछे हैं। अदालत ने जवाबदेही पर जोर दिया और घटना तथा उसके बाद की स्थिति से निपटने में सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। मालूम हो कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की आईपीएल 2025 में खिताबी जीत के बाद आरसीबी के जीत के जश्न में भगदड़ मची थी जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे।
हाईकोर्ट ने पूछे तीखे सवाल
सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा मांगते हुए हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे महाधिवक्ता (एजी) से स्पष्टीकरण के लिए कई तीखे सवाल पूछे। अदालत को बताया गया कि भगदड़ की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। हालांकि, बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने गिरफ्तारियां की हैं और कब्बन पार्क पुलिस द्वारा आरोपियों को पेश किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने राज्य से नौ प्रमुख प्रश्न पूछे जो इस प्रकार है...
- विजय उत्सव मनाने का निर्णय कब और किसने लिया तथा इसे किस तरीके से आयोजित करना था?
- यातायात को विनियमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
- प्रशंसक/भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
- आयोजन स्थल पर क्या चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं?
- क्या समारोह के समय उपस्थित होने वाले लोगों की संख्या के बारे में पहले से कोई आकलन किया गया था?
- क्या घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा दी गई? यदि नहीं, तो क्यों?
- घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा?
- क्या किसी खेल आयोजन या इस प्रकार के उत्सव में 50000 या उससे अधिक की भीड़ के प्रबंधन के लिए कोई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की गई थी?
- क्या कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कोई अनुमति ली गई थी?
सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय
राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है तथा उम्मीद है कि वह अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करेगा। एजी ने अदालत को बताया कि आरोपी व्यक्ति अपनी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने और राहत पाने के लिए जांच और एजेंसियों के बीच विसंगति का हवाला दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण न्याय को देखते हुए खुली अदालत में आगे के विवरण का खुलासा नहीं किया जा सकता है।