भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज का नाम पटौदी ट्रॉफी से एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी रखने पर हैरानी जताई है। मेजबान इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने हाल में पटौदी ट्रॉफी का नाम बदलकर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी कर दिया है। ट्रॉफी का नाम पहले भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के सम्मान में रखा गया था, लेकिन इसका नाम बदलने को लेकर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने आलोचना की है। अब इसमें कपिल देव का नाम भी जुड़ गया है।
2007 में ही थी पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत
पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में इंग्लैंड की धरती पर दोनों टीमों के बीच श्रृंखला के विजेता के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार के रूप में की गई थी। इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर दोनों ने भारत की कप्तानी की और दोनों ने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला। हालांकि सीरीज का नाम बदल गया है, लेकिन पटौदी विरासत अब भी किसी न किसी रूप में मौजूद रहेगी क्योंकि विजेता टीम के कप्तान को अब पटौदी नाम वाला एक विशेष पदक दिया जाएगा।
1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए इसे अजीब करार दिया है। कपिल ने कहा, 'यह थोड़ा अजीब लगता है। क्या ऐसा भी होता है? लेकिन यह ठीक है, क्रिकेट में सब कुछ चलता है। आखिरकार, कोई अंतर नहीं है। क्रिकेट तो क्रिकेट है। मैदान पर क्रिकेट एक जैसा होना चाहिए।' रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के बिना टेस्ट क्रिकेट में नए युग की शुरुआत कर रहा भारत नवनियुक्त कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में इंग्लैंड में पांच मैचों की सीरीज की शुरुआत करेगा।
कपिल ने गिल को खुद को अभिव्यक्त करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, कोई उम्मीदें नहीं है। बस जाओ, खेलो, खुद को अभिव्यक्त करो। यही ज्यादा महत्वपूर्ण है।