कपिलदेव ने विराट के बयान को कमजोर बताया है।
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टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम की लगातार दूसरी हार से सभी फैंस और खिलाड़ी काफी निराश हैं। मैच के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने जो बयान दिया उससे भी उनकी निराशा साफ झलक रही थी। विराट ने कहा कि हमारी टीम मैदान पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दौरान पूरी बहादुरी के साथ नहीं खेल सकी। इसी वजह से भारत को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। अब दिग्गज खिलाड़ी कपिलदेव ने विराट के इस बयान को कमजोर बताया है। उन्होंने कहा कि टीम के कोच रवि शास्त्री और मेंटर धोनी को खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारत को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बड़े खिलाड़ियों दुबई में भारत के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेनी होगी।
खिलाड़ियों की सोच में बदलाव जरूरी
कपिलदेव ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा "निश्चित रूप से यह विराट जैसे बड़े खिलाड़ी से काफी कमजोर बयान है। हम सभी जानते हैं और हमारा मानना है कि उनके अंदर टीम के लिए मैच जीतने की भूख है, लेकिन यदि टीम की बॉडी लैंग्वेज और कप्तान के सोचने का तरीका ऐसा है तो ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों का मूड बेहतर करना बहुत मुश्किल होगा।" विराट ने कहा था कि उनकी टीम के खिलाड़ी गेंद, बल्ले और बॉडी लैंग्वेज के साथ सही खेल नहीं दिखा पाए और वो बहादुरों की तरह नहीं खेले।
शास्त्री और धोनी को टीम का मनोबल उठाने की जरूरत
कपिल देव ने आगे कहा "मैं अपने दोस्त शास्त्री और धोनी से अपील करूंगा कि इन हालातों में टीम को ऊपर उठाएं। यह धोनी का काम है कि खिलाड़ियों से बात करें और उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं।" अब भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बाकी तीनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि अफगानिस्तान न्यूजीलैंड के हरा दे। इस पर कपिल ने कहा कि अगर आपको किसी दूसरे के प्रदर्शन पर निर्भर रहना पड़ रहा है तो मैं इसे पसंद नहीं करता। अगर आपको सेमीफाइनल में पहुंचना है तो अपने खेल के दम पर पहुंचें। मुझे नहीं लगता कि अपनी उम्मीदें किसी और पर थोपना अच्छी बात है।
बड़े खिलाड़ियों की हो सकती है टीम से छुट्टी
कपिल ने आगे कहा "जब आप अच्छा करते हो तो सब तारीफ करते हैं, लेकिन कुछ बड़े खिलाड़ियों को लेकर चयनकर्ताओं को बड़े फैसले लेने होंगे। क्या बेहतर खेल दिखाने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। यदि ये बड़े खिलाड़ी रन नहीं बनाएंगे तो उनकी आलोचना होगी।" हालांकि कपिल ने अपने बयान में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया।