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कपिल देव ने कहा, हरमनप्रीत की मुझसे तुलना गलत, उनकी पारी को सेलिब्रेट कीजिए

Sun, 23 Jul 2017 04:39 AM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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कपिल देव - फोटो : getty
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महिला विश्वकप के सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया। अपनी इस पारी में हरमन ने कंगारुओं के छक्के छुड़ा दिए। अपनी इस पारी में उन्होंने 20 चौके और 7 छक्के जड़े। जिस निडर और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की उससे प्रशंसकों के मन में 1983 के विश्वकप में तत्कालीन कप्तान कपिल देव की जिंबाब्वे के खिलाफ खेली नाबाद 175 रन की पारी की याद आ गई। लोगों ने 'पंजाबी शेरनी' हरमनप्रीत की तुलना 'हिरयाणा हरिकेन' कपिल देव से करनी शुरू कर दी। 
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टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने ट्वीट कर हमनप्रीत और कपिल की तस्वीर साझा की। इसके अलावा जाने माने कॉमेंट्रेटर हर्षा भोगले और एलन विलकिन्स ने भी कपिल और हरमनप्रीत की पारी की तुलना की। 
  🇮🇳 @ImHarmanpreet 171. @therealkapildev 175. A @HomeOfCricket final on Sunday. Deja vu. Go for it India #WWC17 pic.twitter.com/6nTgiDxEQN — Ravi Shastri (@RaviShastriOfc) July 21, 2017
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लेकिन इसके बाद टीम इंडिया को विश्वचैंपियन बनाने वाले कपिल देव ने सामने आकर कहा, हरमनप्रीत की पारी और मेरी पारी की तुलना नहीं करना चाहिए। उनके खेल का आनंद उठाइए।

कपिल ने कहा, मुझे तो लग रहा है कि टीम इंडिया ने पहले ही विश्वकप जीत लिया है। हालांकि अभी इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेला जाना है। मेरे ओर से उन्हें शुभकामनाएं। 

कपिल ने कहा दोनों पारियों की तुलना करना गलत है आप इन दो पारियों की तुलना नहीं कर सकते। वर्तमान में आप गुजरे हुए समय को वापस नहीं ला सकते।  हमें हरमनप्रीत की पारी को सेलिब्रेट करना चाहिए। 
  Filled with pride seeing @BCCIWomen perform like this.Congratulations on the great victory. Unforgettable knock by @ImHarmanpreet — Kapil Dev (@therealkapildev) July 20, 2017   Thank You @therealkapildev Paaji for your kind words, Means a lot. 🙏 — Harmanpreet Kaur (@ImHarmanpreet) July 21, 2017
हरमनप्रीत ने जिस धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी की उसके बाद सोशल मीडिया में उनको बधाई देने वालों की बाढ़ आ गई। क्या आम क्या खास हर कोई टीम इंडिया और खासकर हरमनप्रीत की तारीफ में कसीदे पढ़ रहा था। लोग यह भी कह रहे थे कि जिस तरह 1983 के विश्वकप ने भारत में क्रिकेट की तस्वीर बदली थी कुछ ऐसी ही आशा की जा रही है कि इस विश्वकप के बाद भारत में महिला क्रिकेट में भी व्यापक बदलाव आएगा। 
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