फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब कपिल देव ने भी दिया CAC से इस्तीफा, अब गायकवाड़ भी पद छोड़ने को तैयार

Wed, 02 Oct 2019 10:49 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
कपिल देव ने आचरण अधिकारी डी के जैन द्वारा हितों के टकराव का नोटिस मिलने के बाद तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) से त्यागपत्र दे दिया। वैसे इस पूर्व भारतीय कप्तान को ‘अस्तित्वहीन समिति’ के लिए लिखित में इस्तीफा देने की जरूरत नहीं थी।
विज्ञापन


प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने स्पष्ट किया कि उनके हिसाब से सीएसी ने हितों के टकराव के दायरे में नहीं आते हैं और उन्हें केवल मुख्य कोच के चयन के लिए नियुक्त किया था। इस समिति में कपिल देव, महिला टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल हैं।



जैन ने मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता की शिकायत पर इन तीनों को नोटिस जारी किये हैं। उन्होंने शिकायत की थी कि खिलाड़ियों के संघ के निदेशक होने के बावजूद वे सीएसी का हिस्सा हैं। रंगास्वामी पहले ही समिति से इस्तीफा दे चुकी हैं और तीसरे सदस्य गायकवाड़ ने कहा कि अगर समिति अस्तित्व में है तो वह भी त्यागपत्र देने के लिये तैयार हैं।
विज्ञापन


इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने बुधवार को पीटीआई से कहा, ‘जहां तक मेरा सवाल है तो हमारी तदर्थ समिति केवल एक खास दिन के लिए नियुक्त की गयी थी जहां हमने मुख्य कोच का चयन करना था। मुझे लगता है कि अब यह अस्तित्वहीन है और अगर यह अब भी अस्तित्व में हे तो फिर मैं टकराव का सवाल उठने पर त्यागपत्र देने के लिये तैयार हूं।’ राय ने इससे पहले कहा था कि सीएसी अब अस्तित्व में नहीं है और यह एक बार के लिये चुनी गई समिति थी।

आचरण अधिकारी डीके जैन द्वारा हितों के टकराव का नोटिस भेजे जाने के बाद कपिल देव ने यह कदम उठाया। मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के सदस्य संजीव गुप्ता ने इन तीनों के खिलाफ शिकायत दायर की थी। जिन्होंने अगस्त में मुख्य कोच के पद पर रवि शास्त्री को चुना था। बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय में एक से ज्यादा पद पर काबिज नहीं रह सकता।

शिकायत में साफ तौर पर कहा गया कि कपिल देव एक फ्लडलाइट कंपनी के मालिक हैं। भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन (ICA) के सदस्य हैं और क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के अध्यक्ष भी हैं। अंशुमन गायकवाड़ भी ICA के सदस्य होने के साथ-साथ अपनी क्रिकेट अकादमी भी चलाते हैं। शांता रंगास्वामी भी इसी हितों के टकराव कारण के अंतर्गत आती हैं।

इसके बाद बीसीसीआई के आचरण अधिकारी डीके जैन ने 28 सितंबर को नोटिस भेजकर मौजूदा भारतीय कोच चुनने वाले पूर्व क्रिकेटरों से उनके खिलाफ लगे हितों के टकराव के आरोपों का जवाब 10 अक्टूबर तक देने को कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें