इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने नौ साल पुरानी इंग्लिश टीम को सर्वश्रेष्ठ करार दिया है। उन्होंने कहा कि एलिस्टेयर कुक की अगुवाई वाली 2012 की टीम इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक रहेगी और जो रूट की अगुआई में मौजूदा टीम उसके करीब पहुंच रही है।
बटलर ने शनिवार को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जो ने उस दौरे पर पदार्पण किया था और उसकी अच्छी यादें और सीख है, जिसने हमें सफल बनाया। वह इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक थी।' उन्होंने कहा, 'जब हम चार-पांच साल पहले यहां चेन्नई में खेले थे तो हमने 470 रन बनाए थे और भारत ने करुण नायर के 300 रन की बदौलत 700 रन बनाए। इसलिए यह शानदार शिक्षा है कि भारत में बड़ी पहली पारी क्या है और इसके लिए कैसी मानसिकता होनी चाहिए।'
इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात में पहली पारी में 350 रन के स्कोर को अच्छा माना जाता है लेकिन बटलर ने कहा कि कुछ युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली उनकी मौजूदा टीम को समझना होगा कि भारत में अच्छा स्कोर 600 रन से भी अधिक हो सकता है।
वहीं, बटलर का मानना है कि टीम के प्रत्येक सदस्य को श्रीलंका में रूट की चली राह पर चलना चाहिए जहां उन्होंने दिखाया कि बड़ी पारी कैसे बनाते हैं। बटलर ने कहा, 'जो रूट इसके उदाहरण हैं और उन्होंने हमारे लिए श्रीलंका में ऐसा किया, दोहरा शतक जड़ा और 180 रन की पारी खेली। उन्होंने दर्शाया कि हमें हालात का फायदा उठाना होगा और बड़ा स्कोर बनाना होगा।'
बता दें कि साल 2012 में मौजूदा कप्तान रूट ने नागपुर में हुए अंतिम टेस्ट में पदार्पण किया था। इस मैच को ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की गेंदबाजी और मुंबई में केविन पीटरसन की 186 रन की शानदार पारी के लिए जाना जाता है।